20/11/25

हरियाणा विधानसभा में आएगा 'जल संरक्षण बिल': पानी बर्बाद करने पर भारी जुर्माना और सज़ा का प्रावधान

जे कुमार, 20 नवम्बर चंडीगढ़ :- हरियाणा में पानी के दुरुपयोग और बर्बादी को रोकने के लिए नायब सैनी सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। दिसंबर में होने वाले विधानसभा के शीतकालीन सत्र में पेयजल की बर्बादी और अवैध इस्तेमाल पर लगाम लगाने के लिए एक विशेष बिल लाया जाएगा। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने लीगल एक्सपर्ट्स की सलाह से विधेयक का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। विभाग के मंत्री ने स्पष्ट किया है कि पानी का दुरुपयोग, बर्बादी और चोरी-छिपे कमर्शियल इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।

कड़े प्रावधान और जुर्माने की तैयारी :- मंत्री ने कहा कि विधेयक में भारी जुर्माने के साथ-साथ सजा तक का प्रावधान रखा गया है। अवैध कट लगाकर पेयजल लाइन से पानी लेने वालों पर भी कार्रवाई का प्रावधान होगा। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों के इस तरह के रवैये के कारण बाकी नागरिकों को पानी की दिक्कत उठानी पड़ती है। जल संरक्षण को प्रोत्साहित करने के लिए यह कानून लोगों की पानी बर्बाद करने की आदतों पर अंकुश लगाएगा।

ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में प्रबंधन :- मंत्री ने बताया कि शहरी क्षेत्रों में पानी की कोई बड़ी दिक्कत नहीं है, लेकिन कुछ ग्रामीण इलाकों से शिकायतें मिली हैं। हालांकि उन्होंने इसके तकनीकी कारणों को भारी बारिश और जलभराव से भी जोड़ा। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि नियमित कार्यों के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में भी पानी की दिक्कत नहीं होनी चाहिए।

अन्य ठोस प्रबंधन : मीटर और बिल वसूली: पानी के इस्तेमाल को लेकर मीटर लगाए जाएंगे, और बिलों का बकाया समय से जमा हो, इसके लिए ठोस प्रबंधन किए जा रहे हैं। वसूली की दर: मंत्री ने बताया कि शहरों में बिलों की रिकवरी 60 से 65 फीसदी है, जबकि गांवों में यह मात्र 5 से 7 फीसदी है। इसलिए विभाग गांवों में भी पेयजल सप्लाई के मीटर लगाए जाने के विकल्प पर काम कर रहा है। महाग्राम योजना: 10 हजार से अधिक आबादी वाले 148 गांवों को महाग्राम योजना में चिह्नित किया गया है। इनमें से 17 में पेयजल, सीवरेज और एसटीपी की व्यवस्था पूरी हो चुकी है, और 30 में कार्य प्रगति पर है। दो साल में इन सभी गांवों में शहरों की तर्ज पर सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी।

कई जिलों में दोगुनी हुई पानी की दरें :- यह भी उल्लेखनीय है कि गुरुग्राम नगर निगम ने नई दरें तय कर दी हैं, और बाकी नगर निगमों में भी तैयारी हो रही है। गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत और पानीपत जैसे कई जिलों में नवंबर से पानी के बिलों में लगभग दोगुनी बढ़ोतरी होने जा रही है। नई पेयजल और सीवरेज लाइन बिछाने में खर्च की गई रकम की भरपाई के लिए यह कदम उठाया जा रहा है।

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