बिहार में अनोखा फर्जीवाड़ा: नौकरी के नाम पर ₹4 लाख ठगे, जालसाजों ने वर्दी पहनाकर रेलवे स्टेशन पर कराई 10 दिन ड्यूटी; ऐसे खुली पोल
मोतिहारी (बिहार), 15 जुलाई (अन्नू): बिहार के मोतिहारी से जालसाजी और ठगी का एक ऐसा हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने पुलिस महकमे को भी चकित कर दिया है। यहाँ बापूधाम रेलवे स्टेशन पर पिछले 10 दिनों से खाकी वर्दी पहनकर बकायदा पुलिस की ड्यूटी कर रहा एक युवक असल में कोई पुलिसकर्मी नहीं, बल्कि खुद एक बड़े शातिर गिरोह की ठगी का शिकार निकला। पकड़े गए युवक की पहचान राजेपुर थाना क्षेत्र के इस्माइल गांव निवासी पवन कुमार के रूप में हुई है।
मजदूरी छोड़ 'पुलिस' बनने के लिए दिए थे ₹4 लाख
पूछताछ के दौरान पीड़ित युवक पवन कुमार ने बताया कि वह पहले महाराष्ट्र में मजदूरी का काम करता था। वहां उसकी मुलाकात हरेंद्र राम नामक व्यक्ति से हुई, जिसने उसे बिहार पुलिस में नौकरी दिलाने का झांसा दिया। बाद में पटना में उसकी मुलाकात वासुदेव राम नाम के एक अन्य व्यक्ति से कराई गई। इन जालसाजों ने सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर पवन से 4 लाख रुपये ऐंठ लिए। इसके बाद जालसाजों ने पवन को पुलिस की बकायदा वर्दी सिलवाकर थमा दी और उसे जॉइनिंग के नाम पर बापूधाम रेलवे स्टेशन पर ड्यूटी करने के लिए भेज दिया।
ईमानदारी से रोज ट्रेन पकड़कर ड्यूटी करने आता था युवक
पवन को जालसाजों ने इस कदर झांसे में लिया था कि उसे पूरा यकीन था कि उसकी असली बहाली हो चुकी है। वह पूरी ईमानदारी के साथ मुजफ्फरपुर से रोज ट्रेन पकड़कर मोतिहारी आता, दिन भर स्टेशन पर पुलिस की तरह मुस्तैदी से ड्यूटी करता और शाम को वापस लौट जाता। उसने अपने रिश्तेदारों और गांव वालों को भी गर्व से बताया था कि उसका चयन पुलिस विभाग में हो गया है। करीब 10 दिनों तक स्टेशन पर किसी को भी उस पर शक नहीं हुआ।
असली पुलिसकर्मियों को हुआ शक तो खुली पोल
मामले का खुलासा तब हुआ जब स्टेशन पर तैनात असली पुलिसकर्मियों को पवन की गतिविधियों और उसकी कार्यशैली को लेकर कुछ संदेह हुआ। जब स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने उसका रिकॉर्ड और पहचान पत्र खंगाला, तो पता चला कि पवन कुमार नाम के किसी भी व्यक्ति की पुलिस विभाग में कोई बहाली ही नहीं हुई है। सच सामने आते ही नगर थाना पुलिस ने उसे तुरंत हिरासत में ले लिया।
ठग गिरोह की तलाश में जुटी पुलिस
सदर एसडीपीओ (SDPO) दिलीप कुमार ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि प्राथमिक जांच में युवक खुद एक बड़ी ठगी का शिकार पाया गया है। पुलिस ने पवन के बयान के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और अब उस शातिर गिरोह की सरगर्मी से तलाश कर रही है जिसने नौकरी के नाम पर लाखों रुपये हड़पे और फर्जी तरीके से युवक को वर्दी पहनाकर स्टेशन पर तैनात कर दिया। पुलिस इस पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गिरोह ने और कितने बेरोजगार युवाओं को अपना शिकार बनाया है।
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