केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्रीअमित शाह ने “डेयरी क्षेत्र में सस्टेनेबिलिटी और सर्कुलरिटी पर कार्यशाला” का उद्घाटन किया
आरएस अनेजा, 03 मार्च नई दिल्ली
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में “डेयरी क्षेत्र में सस्टेनेबिलिटी और सर्कुलरिटी पर कार्यशाला” का उद्घाटन किया। डेयरी क्षेत्र में सस्टेनेबिलिटी, कुशलता और संसाधनों की सर्कुलरिटी से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ का विजन साकार होगा।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि आज जब हम श्वेत क्रांति-2 की तरफ बढ़ रहे हैं तब सस्टेनेबिलिटी और सर्कुलरिटी का महत्व बहुत बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि श्वेत क्रांति-1 से अब तक जो हमने हासिल किया है उससे सस्टेनेबिलिटी और सर्कुलरिटी को पूरा करना अभी बाकी है। श्री शाह ने कहा कि श्वेत क्रांति 2.0 का मुख्य लक्ष्य सस्टेनेबिलिटी और सर्कुलरिटी है और श्वेत क्रांति-2 की शुरूआत से ही इनका ध्यान रखा जाना चाहिए।
अमित शाह ने कहा कि भारत का डेयरी क्षेत्र देश के साथ-साथ ग्रामीण विकास और भूमिहीन और छोटे किसानों को समृद्ध बनाने में बहुत बड़ी भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि ये हमारे देश की पोषण की चिंता करता है, देश को दुनिया का नंबर एक दूध उत्पादक बनाने में योगदान देता है और कृषि के अलावा किसानों को अतिरिक्त आय भी प्रदान करता है।
केन्द्रीय सहकारिता मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने हमारे सामने भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर वाली अर्थव्यवस्था, दुनिया में तीसरे नंबर का अर्थतंत्र और 2047 में पूर्ण विकसित देश बनाने के तीन लक्ष्य रखे हैं। इन तीनों लक्ष्यों को सिद्ध करने के लिए हमें हर क्षेत्र में संभावनाओं का शत-प्रतिशत दोहन करने की पद्धति विकसित करनी होगी। उन्होंने कहा कि डेयरी सेक्टर ने आज सर्कुलरिटी के संबंध में गुड प्रैक्टिसिस को 250 दूध उत्पादक संघों तक पहुंचाने की विज़नरी शुरूआत की है।
अमित शाह ने कहा कि सहकारिता का उद्देश्य लाभ कमाने के साथ-साथ people first भी है। उन्होंने कहा कि profit for people के सूत्र को हम सहकारिता के माध्यम से ही चरितार्थ कर सकते हैं। आज यहां डेयरी क्षेत्र में सर्कुलरिटी पर मार्गदर्शिका का विमोचन, छोटी और बड़ी बायोगैस कम्प्रेस्ड परियाजनाओं की वित्तीय सहायताओं के लिए राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB) की योजनाओं और NDDB और Sustain Plus परियोजना का शुभारंभ भी हुआ है।
अमित शाह ने कहा कि मीथेन और कार्बनडाइऑक्साइड के उत्सर्जन में बहुत कमी आई है और इसका सौ प्रतिशत कार्बन क्रेडिट किसानों के बैंक खाते में जाना चाहिए और यही सर्कुलरिटी का असली मतलब है। उन्होंने कहा कि डेयरी कोऑपरेटिव सेक्टर महिलाओं को रोजगार देने के मामले में भी बहुत काम करता है और आज कोऑपरेटिव डेयरी सेक्टर में 72 प्रतिशत महिलाएं काम कर रही है। श्री शाह ने कहा कि इससे सिद्ध होता है कि कोऑपरेटिव डेयरी सेक्टर में माताओं बहनों के रोजगार और उनके सशक्तिकरण पर काम होता है।
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