31/05/25

ऑपरेशन शील्ड के तहत जयपुर के स्थान विशेष पर होगा मॉक ड्रिल एवं ब्लैक आउट का पूर्व अभ्यास

एन.एस. बाछल, 31 मई, जयपुर।

केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार के द्वारा प्रदत्त आदेशों की अनुपालना में शनिवार को जयपुर जिले के एक स्थान विशेष पर ऑपरेशन शील्ड के तहत मॉक ड्रिल एवं ब्लैक आउट के पूर्व अभ्यास का आयोजन किया जाएगा। जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने अभ्यास से संबंधित क्षेत्र के नागरिकों से ब्लैक आउट के दौरान स्वेच्छा से घरों, कार्यालयों, प्रतिष्ठानों एवं वाहनों की लाइट बंद कर सहयोग की अपील की है। पूर्व अभ्यास के लिए चिन्हित परिधि क्षेत्र के अतिरिक्त जिले के अन्य क्षेत्रों में सामान्य परिस्थितियां बनीं रहेंगी।

 

अतिरिक्त जिला कलक्टर (दक्षिण) संतोष मीणा ने बताया कि गृह मंत्रालय भारत सरकार के निर्देश पर द्वितीय सिविल डिफेन्स अभ्यास (ऑपरेशन शील्ड) के तहत 31 मई को ड्रोन हवाई हमले के समय राहत एवं बचाव के लिए मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा। साथ ही जिस स्थान विशेष पर मॉक ड्रिल का आयोजन होगा उसी स्थान पर सायरन सुने जाने तक के परिधि क्षेत्र में रात्रि में ब्लैक आउट किया जाएगा।

 

ब्लैक आउट के दौरान क्या करें, क्या न करें-

उन्होंने बताया कि चिन्हित स्थान पर ब्लैक आउट किये जाने वाले क्षेत्र में रात्रि के समय सायरन बजा कर स्थानीय नागरिकों को ब्लैक आउट की सूचना दी जाएगी। संबंधित क्षेत्र के नागरिक ड्रोन से होने वाले हवाई हमले की मॉक ड्रिल स्थिति में ब्लैक आउट किए जाने पर सायरन या हूटर बजते ही बिना घबराए  अपने घरों में रहें व अनावश्यक घर से बाहर न निकलें, अपने प्रत्येक स्थान की लाइट स्वेच्छा से बंद कर दें, भगदड न मचाए व धूम्रपान न करें, माचिस, मोबाइल, टॉर्च एवं फ्लैश लाइट का इस्तेमाल न करें।

 

यदि किसी घर अथवा प्रतिष्ठान की खिडकी से प्रकाश बाहर निकलता दिखें तो उस स्थान पर काला कागज लगाये, सडक पर चलने वाले वाहनों की लाइट बंद करें तथा जहां जो हा,े वहीं वाहन के साथ रूक जाएं। ब्लैक आउट में क्षेत्र के सिविल डिफेन्स के वार्डनों की सहायता करें, दो मिनट तक सायरन बजने पर बचाव कार्य व अन्य गतिविधि में लग जाएं, एयर रेड सायरन बजने पर शांतिपूर्वक सुरक्षित स्थान पर शरण ले, अफवाहों से बचे और प्रशासन द्वारा दिए गए निर्देशों की पालना करें, नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों व स्थानीय प्रशासन का सहयोग करें, मोबाइल या रेडियो पर सरकारी अलर्ट सुने, सुरक्षित शरण स्थल की जानकारी लें, शरण स्थल तक जल्दी से पहुंचने का रास्ता पहले से तय करें।

 

समय-समय पर जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेशों/निर्देशों का पालन सुनिश्चित करें, घबराये नहीं ट्रैफिक नियमों और आपदा प्रबंधन कर्मियों व पुलिस के निर्देशों का पालन करें। ड्रोन के हवाई हमले का रेड सिग्नल 2 मिनट तक ऊंची-नीची आवाज में सायरन बजाकर दिया जाएगा तथा खतरा टलने की सूचना 2 मिनट तक सायरन को एक ही आवाज में बजाकर दी जाएगी।

Previous

भारत-चिली सीईपीए वार्ता का पहला दौर नई दिल्ली में संपन्न हुआ

Next

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ब्राजील के ब्रासीलिया में ब्रिक्स संसदीय फोरम में भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे