तीर्थराज पुष्कर को मिलेगा नया स्वरूप, बढ़ेगी दिव्यता एवं भव्यता-मुख्यमंत्री राजस्थान
एन.एस.बाछल, 31 मार्च, जयपुर।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि तीर्थराज पुष्कर का विशेष पौराणिक एवं आध्यात्मिक महत्व है। राज्य सरकार इसकी विरासत को सहेजते हुए इसे विश्वस्तरीय तीर्थाटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए संकल्पित है। उन्होंने कहा कि पुष्कर की भव्यता एवं दिव्यता को और अधिक निखारते हुए इसे नया स्वरूप प्रदान किया जाएगा।
भजनलाल शर्मा मुख्यमंत्री कार्यालय में पुष्कर तीर्थराज के विकास की कार्ययोजना को लेकर आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पुष्कर के समग्र विकास के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है, जिससे आने वाली पीढ़ियों का हमारी संस्कृति के प्रति जुड़ाव और अधिक सुदृढ़ हो तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिले।
मुख्यमंत्री ने ब्रह्मा मंदिर सहित सभी मंदिरों के सौंदर्यकरण तथा श्रद्धालुओं व स्थानीय निवासियों के लिए बेहतर सुविधाओं को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने आमजन के सहयोग और सुझावों को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि जन सहयोग से ही विकास कार्य और अधिक प्रभावी बनेंगे।
बैठक में पुष्कर सरोवर के घाटों पर सुविधाओं के विकास, मंदिरों व परिक्रमा मार्गों के सौंदर्यकरण, भव्य एंट्री प्लाजा, सड़क निर्माण आदि पर प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विस्तृत चर्चा की गई। पुष्कर के साधु, महंत एवं निवासियों ने पुष्कर के विकास की कार्ययोजना के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए अपने सुझाव भी दिए। इससे पहले मुख्यमंत्री ने साधु, महंतों का दुपट्टा ओढ़ाकर अभिनंदन किया।
इस अवसर पर केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी, जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत, राजस्थान धरोहर प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित अन्य अधिकारीगण, पुष्कर तीर्थ से आए साधु-महंत एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
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