24/06/26

अम्बाला में 'द साइंस ऑपरेटर मैन्युफैक्चरर एसोसिएशन' की अहम बैठक: 1 जनवरी 2027 से ग्लासवेयर उपकरणों पर अनिवार्य ISI मानक को लेकर हुई चर्चा

अम्बाला, 24 जून (अन्‍नू): अम्बाला के महेश नगर में जीटी रोड के किनारे स्थित एक निजी होटल में 'द साइंस ऑपरेटर मैन्युफैक्चरर एसोसिएशन' की कार्यकारिणी की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में आगामी 1 जनवरी 2027 से वैज्ञानिक उपकरणों, विशेष रूप से प्रयोगशाला ग्लासवेयर (Glassware) और अन्य संबंधित इंस्ट्रूमेंट्स पर लागू होने वाले अनिवार्य आईएसआई (ISI) मानक की नीति को लेकर बेहद विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में उपस्थित उद्योगपतियों और पदाधिकारियों ने नए नियमों के कारण स्थानीय व्यापार पर पड़ने वाले प्रभावों को लेकर अपनी चिंताएं साझा कीं।

सप्लाई चेन और कारोबार प्रभावित होने की आशंका, स्पष्टता की मांग

बैठक के दौरान एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने एक सुर में कहा कि गुणवत्ता मानकों का स्वागत है, लेकिन नए नियमों को अचानक लागू करने से स्थानीय उद्योगपतियों को व्यावहारिक दिक्कतें आ सकती हैं।

  • सप्लाई चेन पर असर: नए मानक लागू होने से मैन्युफैक्चरिंग प्रक्रिया, मौजूदा स्टॉक और आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) पर पड़ने वाले असर को लेकर अभी तक पूरी स्पष्टता नहीं है।

  • तैयारी के लिए मिले अवसर: एसोसिएशन का मानना है कि इस नीति को धरातल पर पूरी तरह लागू करने से पहले स्थानीय सूक्ष्म व लघु इकाइयों को पर्याप्त मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और तैयारी करने का पूरा अवसर मिलना चाहिए, ताकि कोई भी उद्योग बंद होने की कगार पर न पहुंचे।

कैबिनेट मंत्री अनिल विज से मिलकर सौंपेंगे ज्ञापन, व्यावहारिक समय-सीमा की मांग

इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए एसोसिएशन ने एक बड़ा रणनीतिक निर्णय लिया है। बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास किया गया कि वैज्ञानिक उपकरण उद्योग की इन व्यावहारिक चिंताओं, अनुपालन प्रक्रिया (Compliance Process) की जटिलताओं और एक व्यावहारिक समय-सीमा (Practical Deadline) की मांग को लेकर जल्द ही हरियाणा के कद्दावर कैबिनेट मंत्री अनिल विज से मुलाकात की जाएगी। डेलिगेशन मंत्री अनिल विज के समक्ष उद्योगपतियों का पक्ष रखेगा ताकि केंद्र और राज्य स्तर पर स्थानीय निर्माताओं को राहत दिलवाई जा सके।

अध्यक्ष कैलाशनाथ धीर और अरुण गोयल की अगुवाई में जुटे निर्माता

इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता एसोसिएशन के अध्यक्ष कैलाशनाथ धीर ने की। बैठक के दौरान औद्योगिक नीति और तकनीकी पहलुओं पर आधिकारिक रूप से विस्तृत जानकारी देने के लिए मुख्य वक्ता के तौर पर अरुण गोयल मुख्य रूप से मौजूद रहे। कार्यकारिणी के सभी सदस्यों ने एकजुटता दिखाते हुए निर्णय लिया कि वे मानकों के पालन के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन नियमों को लागू करने का तरीका ऐसा होना चाहिए जिससे अम्बाला का प्रसिद्ध वैज्ञानिक उपकरण उद्योग (Science Industry) प्रभावित न हो।

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