25/06/25

अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा विकास का उजियारा- गत सरकार में प्रदेश पिछड़ा, अब विकास की दौड़ में अव्वल

एन.एस. बाछल, 25 जून, जयपुर।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि अंत्योदय के सिद्धांत के अनुसार गांव, गरीब, किसान, मजदूर के सशक्त होने से ही देश की तरक्की संभव है। इस दर्शन को साकार करने के लिए राज्य सरकार पंडित दीनदयाल उपाध्याय अन्त्योदय संबल पखवाड़े के माध्यम से समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक जनकल्याणकारी योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित कर रही है। उन्होंने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग लें, शिविरों में जाएँ, अपने लंबित कार्य पूरे करवाएँ और दूसरों को भी प्रेरित करें। 

भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को जयपुर जिले की दूदू तहसील स्थित बिचून ग्राम में पंडित दीनदयाल उपाध्याय संबल पखवाड़े का शुभारंभ किया। इस अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय जी एक ऐसे महान विचारक थे, जिन्होंने अपने जीवन को समाज के वंचित वर्ग के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया। उनका सपना था कि भारत का हर गांव और हर व्यक्ति आत्मनिर्भर बने। इस पखवाड़े के माध्यम से हम विकास के उजियारे को हर जरूरतमंद तक पहुंचाने का संकल्प पूरा कर रहे हैं।

अंत्योदय संबल पखवाड़े में जनता के काम होंगे पूरे-

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पखवाड़े के दौरान गरीब और वंचित वर्ग के वर्षों से अटके कार्यों को पूरा कर उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा, जिससे उनके जीवन में स्थायी बदलाव आए। उन्होंने कहा कि इस पखवाड़े में विभिन्न शिविरों के माध्यम से कई महत्वपूर्ण कार्य किए जाएंगे, जो गरीब परिवारों को संबल प्रदान करेंगे। शिविरों में भूमि-संबंधी विवादों का समाधान और आपसी सहमति से बंटवारे, पं. दीनदयाल उपाध्याय गरीबी मुक्त गाँव योजना में 10 हजार गाँवों में बीपीएल परिवारों का सर्वे कर उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा। साथ ही, स्वामित्व पट्टे बनाने एवं वितरण करने जैसे कार्यों से ग्रामीण बिना कानूनी अड़चनों के अपनी जमीन का स्पष्ट स्वामित्व प्राप्त कर सकेंगे।

 

वंचित वर्ग के जीवन को बेहतर बना रही हमारी सरकार-

भजनलाल शर्मा ने कहा कि इन शिविरों में पानी की टंकियों की सफाई, लंबित नल कनेक्शन देने, लीकेज की मरम्मत, नहरों की सफाई जैसे प्रकरण भी शामिल होंगे, जिससे गांवों में स्वच्छ पेयजल और बेहतर सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसी तरह नर्सरियों से पौधों का वितरण, मृदा नमूनों का संग्रहण और मृदा स्वास्थ्य कार्ड का वितरण किसानों को वैज्ञानिक खेती करने में सहायता करेगा। उन्होंने कहा कि शिविरों में मंगला पशु बीमा, पशुओं की जांच, इलाज और टीकाकरण जैसे कार्यों से पशुपालकों को आर्थिक सुरक्षा मिल सकेगी। पखवाड़े के दौरान आयुष्मान कार्ड वितरण, एनएफएसए के लंबित प्रकरणों का निस्तारण, विद्यालयों में प्रवेशोत्सव से बच्चों का नामांकन तथा झूलते तारों और विद्युत पोलों की मरम्मत जैसे कार्यों से सीधे तौर पर गरीब और वंचित वर्ग का जीवन सुगम होगा।

प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हो रही संकल्प से सिद्धि-

मुख्यमंत्री ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2014 से देश के हर क्षेत्र में आया अभूतपूर्व बदलाव हम सबने देखा है। उनके नेतृत्व में देश संकल्प से सिद्धि तक का सफर तय कर रहा है। श्री मोदी के अनुसार देश में गरीब, युवा, महिला और किसान चार जातियां हैं तथा इन्हीं के उत्थान से देश-प्रदेश का विकास संभव है। श्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री के प्रकृति को समर्पित ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से प्रेरित होकर हमने भी प्रदेश में इस वर्ष 10 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है। 

हर नागरिक को समृद्ध और सशक्त बनाना हमारा लक्ष्य-

मुख्यमंत्री ने कहा कि गत सरकार के समय प्रदेश हर क्षेत्र में पिछड़ गया था। हमने आते ही इस स्थिति को बदलने का संकल्प लिया। हमारी सरकार का स्पष्ट लक्ष्य राजस्थान को ऊर्जा के क्षेत्र में सरप्लस स्टेट बनाना है। इसके लिए हमारी सरकार ने बिजली आपूर्ति में ऐतिहासिक सुधार किए हैं। उन्होंने कहा कि गर्मियों में पहले महंगी दरों पर बिजली खरीदनी पड़ती थी लेकिन हमने इस मजबूरी को खत्म करते हुए 18 हजार 509 मेगावाट की रिकॉर्ड पीक डिमांड को बिना किसी व्यवधान के पूरा किया। हमारी सरकार ने बिजली उधार लिए बिना ही रबी सीजन में किसानों को इसकी निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की।

भजनलाल शर्मा ने कहा कि हमारी सरकार ने केन्द्रीय सहकारी बैंकों के माध्यम से डेढ़ वर्ष में करीब 35 हजार करोड़ रुपये का ऋण वितरण किया जबकि पूर्ववर्ती सरकार ने इतने समय में सिर्फ 15 हजार करोड़ रुपये का ऋण वितरण किया था। हमने डेढ़ साल में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 30 लाख मीट्रिक टन गेंहू की खरीद की जबकि पूर्ववर्ती सरकार ने सिर्फ 11 मीट्रिक टन गेहूं ही खरीदा था। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार की 3400 किलोमीटर की तुलना में हमने 12 हजार किलोमीटर नयी सड़कों का निर्माण किया तथा करीब 1300 से ज्यादा गांवों को सड़कों से जोड़ा। हमारे संकल्प और मेहनत से पिछले डेढ़ साल में राजस्थान फिर से विकास की पटरी पर दौड़ने लगा है और हमारा लक्ष्य है कि राजस्थान न केवल भारत का अग्रणी राज्य बने बल्कि हर नागरिक का जीवन समृद्ध और सशक्त हो।

उप मुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि यशस्वी मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग को जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से लाभान्वित कर रही है। इन शिविरों के माध्यम से जरूरतमंदों तक सरकार की योजनाओं की सुलभ पहुंच सुनिश्चित की जाएगी जिससे वे समाज की मुख्यधारा से जुड़े। उन्होंने कहा कि हमारी डबल इंजन की सरकार विकसित राजस्थान के संकल्प को पूरा करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पखवाड़े के तहत आयोजित शिविर का अवलोकन भी किया। उन्होंने प्रमाण पत्र, स्वीकृति पत्र, पट्टे देकर पात्र व्यक्तियों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया। 

मुख्यमंत्री ने आमजन के साथ लिया चाय का आनंद—

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बिचून से जयपुर लौटते समय रास्ते में काफिला रूकवाकर बारिश की फुहारों के बीच चाय का आनंद लिया। इस दौरान उन्होंने वहां मौजूद लोगों के साथ आत्मीयतापूर्वक संवाद करते हुए उनकी कुशलक्षेम भी पूछी। मुख्यमंत्री का रास्ते में लोगों ने जगह-जगह पर फूलमालाओं से भव्य स्वागत किया।

समारोह में संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, जयपुर जिला प्रमुख रमा चोपड़ा सहित विभिन्न जनप्रतिनिधगण, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे। 

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