भारतीय कंप्यूटर आपात प्रतिक्रिया दल ने भारत के साइबर सुरक्षा ढांचे पर चर्चा के लिए विदेशी पत्रकारों की मेजबानी की
आरएस अनेजा, 13 दिसम्बर नई दिल्ली - भारतीय कंप्यूटर आपात प्रतिक्रिया दल (सीईआरटी-इन), इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) ने विदेश मंत्रालय (एमईए) के सहयोग से यूरोप, अमेरिका और मध्य एशियाई देशों के दौरे पर आए पत्रकारों के लिए साइबर सुरक्षा परिचय यात्रा और संवादात्मक सत्र का आयोजन किया।
इस सत्र की अध्यक्षता नई दिल्ली स्थित एमईआईटीवाई में सीईआरटी-इन के महानिदेशक और प्रमाणन प्राधिकरण नियंत्रक (सीसीए) डॉ. संजय बहल ने की। डॉ. बहल ने भारत में साइबर सुरक्षा, संकट प्रबंधन, भेद्यता आकलन, सूचना साझाकरण, साइबर घटनाओं पर समन्वित प्रतिक्रिया, लेखा परीक्षकों की नियुक्ति और विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों में सीईआरटी-इन की भूमिका और जिम्मेदारियों के बारे बताया। सीईआरटी-इन अपने अनुसंधान सहयोग, सार्वजनिक-निजी भागीदारी और अंतर्राष्ट्रीय मंचों में भागीदारी के माध्यम से डिजिटल इंडिया की परिकल्पना के अनुरूप एक मजबूत और विश्वसनीय साइबर सुरक्षा व्यवस्था का निर्माण कर रहा है।
डॉ. बहल ने बताया कि सीईआरटी-इन उभरते खतरों के विरुद्ध संगठनों और नागरिकों को समय पर अलर्ट और अनुकूल सलाह जारी करता है जिससे अनावश्यक घबराहट पैदा किए बिना सक्रिय सुरक्षा सुनिश्चित होती है। डॉ. बहल ने भारत के वैश्विक साइबर सुरक्षा केंद्र के रूप में तेजी से उभरने का भी उल्लेख किया जो 400 से अधिक स्टार्टअप और 6.5 लाख से अधिक कुशल पेशेवरों के बल पर 20 बिलियन डॉलर के साइबर सुरक्षा उद्योग को सशक्त बना रहा है।
बदलते खतरे के परिदृश्य पर जोर देते हुए, डॉ. बहल ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) एक दोधारी तलवार की तरह काम करती है—जो रक्षकों और विरोधियों दोनों को सक्षम बनाती है।
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