आरएस अनेजा, 02 मार्च नई दिल्ली
प्रसिद्ध सैद्धांतिक भौतिक विज्ञानी, लेखक तथा कोलंबिया विश्वविद्यालय में गणित और भौतिकी के प्रोफेसर डॉ. ब्रायन ग्रीन ने ताजमहल की अपनी यात्रा के बाद कहा कि भारत में मैंने विज्ञान और नवाचार के प्रति जो जुनून देखा है, वह अद्भुत है। यहां के छात्रों में ऊर्जा और जिज्ञासा वास्तव में प्रेरणादायक है। शिक्षा और वैज्ञानिक अनुसंधान के प्रति भारत के विशिष्ट दृष्टिकोण की प्रशंसा करते हुए उन्होंने वैश्विक प्रभाव डालने के लिए भारतीय छात्रों के उत्साह और महत्वाकांक्षा पर जोर दिया।
संस्कृति मंत्रालय के प्रवक्ता ने रविवार काे बताया कि नासा के पूर्व अंतरिक्ष यात्री व अंतरिक्ष से भारत का अवलोकन करने वाले माइक मैसिमिनो ने कहा कि भारत ज़मीन अधिक सुंदर है। भारत के सौंदर्य के प्रति अपनी प्रशंसा व्यक्त करते हुए उन्होंने ताजमहल की असाधारण शिल्पकला की प्रशंसा की और इसे भारत की इंजीनियरिंग और डिज़ाइन की समृद्ध विरासत का प्रमाण बताया। डॉ. ब्रायन ग्रीन और माइक मैसिमिनो मौजूदा समय में भारत की यात्रा पर हैं और देश की समृद्ध वैज्ञानिक, शैक्षिक और सांस्कृतिक विरासत का आनंद ले रहे हैं। अपनी यात्रा के दौरान, उन्होंने प्रतिष्ठित ताजमहल का दौरा किया जहां उन्होंने विज्ञान, इंजीनियरिंग और शिल्प कौशल में भारत की प्रगति की प्रशंसा की।
प्रोफेसर ब्रायन ग्रीन एक प्रसिद्ध सैद्धांतिक भौतिक विज्ञानी, लेखक, तथा कोलंबिया विश्वविद्यालय में गणित और भौतिकी के प्रोफेसर हैं। इनको सुपरस्ट्रिंग सिद्धांत में इनके अभूतपूर्व योगदान के लिए जाना जाता है जिसमें दर्पण समरूपता की सह-खोज और स्थानिक टोपोलॉजी परिवर्तन की खोज शामिल है।
नासा के दो अंतरिक्ष मिशनों के अनुभवी माइक मैसिमिनो ने मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में पीएचडी की है और वर्तमान में कोलंबिया विश्वविद्यालय में मैकेनिकल इंजीनियरिंग के प्रोफेसर के रूप में कार्य कर रहे हैं। अंतरिक्ष से ट्वीट करने वाले पहले अंतरिक्ष यात्री के रूप में उन्होंने अंतरिक्ष अन्वेषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है- विशेष रूप से 2002 और 2009 में हबल स्पेस टेलीस्कोप सर्विसिंग मिशन में।