प्रदूषण मानकों की जांच के बाद ही सीमेंट प्लांट को पूर्ण संचालन की अनुमति होगी - पर्यावरण राज्यमंत्री राजस्थान
एन.एस.बाछल, 06 मार्च, जयपुर।
पर्यावरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संजय शर्मा ने विधानसभा में कहा कि राज्यमंत्री संजय शर्मा ने बताया कि उद्योगों में प्रदूषण की जांच के लिए प्रदूषण नियंत्रण मंडल द्वारा निरीक्षण की सतत प्रक्रिया अपनाई जाती है और हर दो माह में निरीक्षण किया जाता है। निरीक्षण के दौरान कोई कमी मिलने पर उद्योग को उसे दूर करने के लिए समय दिया जाता है। यदि इसके बावजूद भी कमियां दूर नहीं होती हैं तो उद्योग की संचालन सम्मति (सीटीओ) निरस्त कर उद्योग को बंद किया जा सकता है। पुनः संचालन के लिए उसे दोबारा आवेदन करना पड़ता है।
उन्होंने जानकारी दी कि जोधपुर जिले के भोपालगढ़ विधानसभा क्षेत्र के ग्राम घोड़ावट में स्थापित मैसर्स मारवाड़ सीमेंट के प्लांट द्वारा प्रदूषण फैलाने के संबंध में अभी तक कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने आश्वस्त किया कि शिकायत मिलने पर उसकी जांच कराकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पर्यावरण राज्यमंत्री प्रश्नकाल के दौरान विधायक गीता बरवड़ द्वारा पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने बताया कि इस उद्योग के निरीक्षण में पाया गया कि यहां अभी तक व्यावसायिक उत्पादन शुरू नहीं हुआ है। यहां उद्योग द्वारा संचालन से पहले की प्रक्रिया के तहत मशीनरी की प्रक्रियागत दक्षता की जांच की जा रही है।
उन्होंने बताया कि उद्योग द्वारा सीमेंट मिल में बैग हाउस लगाने के लिए बैंक गारंटी जमा कराई गई है। नियमानुसार बिना बैग हाउस लगाए सीमेंट मिल का संचालन शुरू नहीं किया जा सकता। उद्योग द्वारा 11 मार्च 2026 तक बैग हाउस स्थापित करने की समय सीमा दी गई है। इसके पश्चात् पुनः निरीक्षण कर प्रदूषण फैलाने के संबंध में जांच की जाएगी।
इससे पूर्व मूल प्रश्न के लिखित उत्तर में पर्यावरण राज्यमंत्री ने बताया कि खसरा संख्या 343, ग्राम घोड़ावट, विधानसभा क्षेत्र भोपालगढ़, जिला जोधपुर में मैसर्स मारवाड़ सीमेंट द्वारा सीमेंट प्लांट स्थापित किया गया है। प्लांट को नियमानुसार पर्यावरणीय स्वीकृति (ईसी) और स्थापना सम्मति प्राप्त है। उद्योग ने संचालन सम्मति के लिए 9 सितम्बर 2025 को आवेदन प्रस्तुत किया था, जिसके बाद 29 अक्टूबर 2025 और 29 जनवरी 2026 को निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में पाया गया कि सीमेंट मिल के बैग हाउस को छोड़कर अन्य आवश्यक प्रदूषण नियंत्रण उपाय स्थापित कर लिए गए थे। सीमेंट मिल पर बैग हाउस लगाने की शर्त सुनिश्चित करने के लिए उद्योग द्वारा 8 लाख 50 हजार रुपये की बैंक गारंटी जमा करवाई गई। इसके बाद 11 फरवरी 2026 को इस शर्त के साथ संचालन सम्मति जारी की गई कि बैग हाउस स्थापित किए बिना सीमेंट मिल का संचालन नहीं किया जाएगा। राज्यमंत्री ने बताया कि 26 फरवरी 2026 को किए गए नवीनतम निरीक्षण में उद्योग पूर्ण रूप से संचालन में नहीं पाया गया और केवल लाइट-अप/फायरिंग की अवस्था में था, जिसमें किल्न या भट्टी को 1300 से 1400 डिग्री सेल्सियस तापमान तक गर्म करने की प्रारंभिक प्रक्रिया की जाती है। निरीक्षण के दौरान बैग हाउस स्थापना का कार्य प्रगति पर पाया गया, जिसे 11 मार्च 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि उत्पादन प्रक्रिया पूरी तरह शुरू होने के बाद उद्योग का पुनः निरीक्षण किया जाएगा। साथ ही लिए गए नमूनों की जांच रिपोर्ट के अनुसार वायु, जल और ध्वनि के सभी मानक निर्धारित मापदंडों के भीतर पाए गए हैं तथा प्रदूषण नियंत्रण के आवश्यक उपकरण स्थापित किए जा चुके हैं।
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