29/07/26

पंचकूला: पर्ल्स ग्रुप जमीन घोटाले में तहसीलदार विक्रम सिंगला फिर गिरफ्तार; ACB ने अस्पताल में कराया मेडिकल

पंचकूला, 29 जुलाई (अन्‍नू): सुप्रीम कोर्ट द्वारा अटैच की गई पर्ल्स ग्रुप की करोड़ों रुपये की जमीन की फर्जीवाड़े से रजिस्ट्री करने के मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने तहसीलदार विक्रम सिंगला को एक बार फिर गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस टीम ने पंचकूला के नागरिक अस्पताल में उनका मेडिकल परीक्षण कराया, जिसके बाद उन्हें अदालत में पेश कर आगे की पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड की मांग की जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट की कमेटियों द्वारा अटैच जमीन पर किया फर्जीवाड़ा

जांच में खुलासा हुआ है कि पर्ल्स ग्रुप धोखाधड़ी के शिकार निवेशकों के पैसे लौटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर गठित लोढ़ा और सेन कमेटियों द्वारा यह संपत्तियां अटैच की गई थीं।

तहसील रायपुर रानी के राजस्व रिकॉर्ड में वर्ष 2016 और 2019 में ही इस जमीन की बिक्री और ट्रांसफर पर पूर्ण प्रतिबंध (स्टे) की रपट दर्ज कर दी गई थी। इसके बावजूद आरोपी अधिकारियों ने मिलीभगत कर करोड़ों के फर्जीवाड़े का खेल रचा।

इस तरह अंजाम दिया गया पूरा फर्जीवाड़ा:

  1. फर्जी अर्जी से स्टे हटवाया: फतेहगढ़ साहिब (पंजाब) निवासी सुरमुख सिंह की जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी (GPA) के आधार पर जीपीए धारकों ने राजस्व रिकॉर्ड से पाबंदी आदेश हटवाने की फर्जी प्रक्रिया शुरू की।

  2. गलत रपट व तस्दीक: पटवारी नरेंद्र कुमार और तहसीलदार विक्रम सिंगला ने मिलीभगत कर 22 दिसंबर 2025 को रिकॉर्ड से स्टे हटा दिया। इसके बाद कानूनगो दीपक कुमार ने बिना किसी कानूनी अधिकार के इस प्रक्रिया की तस्दीक की।

  3. दनादन की गईं दो रजिस्ट्रियां: 2 जनवरी 2026 को रजिस्ट्री नंबर 1491 और 1492 के तहत कुल 17.55 एकड़ जमीन कुनाल छिलाना और सौरभ नामक व्यक्तियों को 4.20 करोड़ रुपये में बेच दी गई।

  4. आनन-फानन में म्यूटेशन मंजूर: 9 जनवरी को इंतकाल (Mutation) दर्ज हुआ और 17 जनवरी को कानूनगो व तहसीलदार ने इसे आनन-फानन में मंजूर भी कर दिया।

SDM और शिकायतकर्ता की चेतावनी को किया दरकिनार

मामले की गंभीरता का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि एसडीएम पंचकूला ने इस तरह के प्रार्थना पत्रों पर गलत तरीके से आदेश जारी करने पर तहसीलदार से स्पष्टीकरण मांगा था।

इसके अलावा, हिसार निवासी शिकायतकर्ता मंदीप काजला ने भी अधिकारियों को पर्ल्स ग्रुप की जमीन न बेचने का लिखित अनुरोध किया था। लेकिन आरोपी अधिकारियों ने कथित तौर पर भारी मुनाफे के चक्कर में इन चेतावनियों को नजरअंदाज कर पूरी प्रक्रिया को अंजाम दिया।

जमानत पर बाहर थे, नए साक्ष्यों पर फिर हुई कार्रवाई

उल्लेखनीय है कि 31 जनवरी को विजिलेंस ब्यूरो ने विक्रम सिंगला को चंडीगढ़ स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया था। बाद में उन्हें अदालत से जमानत मिल गई थी। अब जांच के दौरान सामने आए नए तथ्यों और पुख्ता साक्ष्यों के आधार पर विजिलेंस ने उन्हें दोबारा हिरासत में लिया है।

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