23/11/25

दक्षिण मध्य रेलवे की बड़ी पहल: ₹3,200 करोड़ की ट्रैक फेंसिंग परियोजना शुरू; 130 किमी/घंटा की रफ्तार होगी संभव

हैदराबाद, 23 नवंबर : दक्षिण मध्य रेलवे ने अपने उच्च घनत्व (High Density) वाले महत्वपूर्ण रेल मार्गों पर ट्रेनों की अधिकतम गति को 130 किलोमीटर प्रति घंटा तक बढ़ाने के लिए एक विशाल परियोजना का शुभारंभ किया है। इस महत्वाकांक्षी पहल के तहत, 1835 किलोमीटर लंबे मार्ग पर ₹3,200 करोड़ की अनुमानित लागत से ट्रैक फेंसिंग का काम शुरू किया गया है।

सुरक्षा और रफ्तार को मिलेगी गति

इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य रेल पटरियों पर पैदल चलने वालों, मवेशियों और अनाधिकृत वाहनों के प्रवेश को पूरी तरह रोकना है। ट्रैक के किनारे मज़बूत फेंसिंग लगाने से सुरक्षा का स्तर अभूतपूर्व रूप से बढ़ेगा, जिससे दुर्घटनाओं में कमी आएगी और ट्रेनें बिना किसी बाधा के उच्च गति पर दौड़ सकेंगी।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, यह परियोजना भारतीय रेलवे के 'मिशन रफ़्तार' के तहत एक महत्वपूर्ण कदम है। 130 किमी/घंटा की गति हासिल करने से ट्रेनों की यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा और परिचालन दक्षता और समय की पाबंदी में उल्लेखनीय सुधार आएगा।

किन मार्गों पर हो रहा है काम?

₹3,200 करोड़ की यह फेंसिंग परियोजना ज़ोन के उन प्रमुख मार्गों पर केंद्रित है जो देश के व्यस्ततम रेल नेटवर्क का हिस्सा हैं। इसमें सिकंदराबाद, विजयवाड़ा, हैदराबाद और नांदेड़ मंडलों के मुख्य सेक्शन शामिल हैं।

रेलवे द्वारा डिज़ाइन की गई यह फेंसिंग न केवल मजबूत और टिकाऊ है, बल्कि इसे इलेक्ट्रिक इंडक्शन से सुरक्षित रखने के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है।

निष्कर्ष

यह ट्रैक फेंसिंग परियोजना न केवल दक्षिण मध्य रेलवे को तेज़ गति से ट्रेनों का संचालन करने में सक्षम बनाएगी, बल्कि यात्रियों और ट्रैक के किनारे रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी मील का पत्थर साबित होगी।

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