22/06/26

सोनीपत एनकाउंटर: दोहरे आजीवन कारावास का सजायाफ्ता कुख्यात गोपी ढेर, मुठभेड़ में हेड कांस्टेबल भी घायल

सोनीपत, 22 जून (अन्‍नू): हरियाणा के सोनीपत जिले में आज सुबह तड़के पुलिस और बदमाशों के बीच एक बड़ी और भीषण मुठभेड़ हो गई। इस लाइव एनकाउंटर के दौरान कई राउंड गोलियां चलीं, जिसमें सूबे का एक बेहद खतरनाक और कुख्यात इनामी बदमाश पुलिस की जवाबी कार्रवाई में गंभीर रूप से घायल हो गया और बाद में अस्पताल में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। वहीं, बदमाश की ओर से की गई सीधी फायरिंग में पुलिस टीम के एक जांबाज हेड कांस्टेबल देवेंद्र के बाएं हाथ में गोली लगी है, जिन्हें गंभीर हालत में आईसीयू (ICU) में भर्ती कराया गया है।

पुलिस कमिश्नर ममता सिंह और डीसीपी क्राइम नरेंद्र सिंह के अनुसार, मारे गए बदमाश पर हत्या, लूट, डकैती और फायरिंग जैसी संगीन धाराओं के तहत 25 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज थे और वह इलाके में आतंक का पर्याय बना हुआ था।

सुबह 5:30 बजे गन्नौर सीआईए-1 की टीम ने की घेराबंदी

पुलिस कमिश्नर ममता सिंह और डीसीपी क्राइम नरेंद्र सिंह ने संयुक्त रूप से मामले का खुलासा करते हुए बताया कि सोमवार सुबह करीब 5:30 बजे गन्नौर सीआईए-1 की टीम को एक बेहद पुख्ता गुप्त सूचना मिली थी।

  • इनपुट और रूट: सूचना थी कि कुख्यात अपराधी गोपाल उर्फ गोपी नहर के रास्ते एमपी माजरा और खूबडू होते हुए अटायल गांव की ओर बढ़ रहा है।

  • अटैक ऑन पुलिस: इस इनपुट पर सीआईए-1 प्रभारी इंस्पेक्टर राजीव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने इलाके में रणनीतिक घेराबंदी कर दी। जैसे ही पुलिस टीम आरोपी गोपाल के करीब पहुंची और उसे सरेंडर करने को कहा, उसने भागने की कोशिश की और पुलिस गाड़ी को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ गोलियां बरसानी शुरू कर दीं।

बुलेट प्रूफ जैकेट और जवाबी फायरिंग; मौके से मिले 11 खोल

बदमाश की ओर से किए गए इस अचानक जानलेवा हमले के बाद पुलिस टीम ने अपनी सुरक्षा और आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की। दोनों ओर से कई राउंड गोलियां चलीं।

सीआईए प्रभारी इंस्पेक्टर राजीव के अनुसार, मुठभेड़ के बाद घटनास्थल की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम को मौके पर बुलाया गया। एफएसएल की टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्रित किए हैं। पुलिस को मौके से बदमाश की बिना नंबर की मोटरसाइकिल, दो अवैध हथियार और 11 से अधिक गोलियों के खाली खोल बरामद हुए हैं।

गांव के ही मनोज की हत्या करने की फिराक में पहुंचा था आरोपी

गन्नौर सीआईए-1 के प्रभारी इंस्पेक्टर राजीव ने बताया कि मारा गया बदमाश गोपाल उर्फ गोपी गांव अटायल का ही रहने वाला था। वह सोमवार की सुबह अपने ही गांव के रहने वाले मनोज नामक व्यक्ति की हत्या करने के इरादे से पूरी तैयारी के साथ आया हुआ था।

पुलस रिकॉर्ड के अनुसार, गोपी की मनोज के साथ पुरानी रंजिश थी और वह इससे पहले भी मनोज पर जानलेवा हमला करते हुए फायरिंग कर चुका था। अगर आज पुलिस समय रहते मुस्तैदी से उसकी घेराबंदी न करती, तो वह गांव में चौथी बड़ी हत्या की वारदात को अंजाम दे देता, जिसे पुलिस ने समय रहते टाल दिया।

70 दिन की पैरोल पर आकर मचा रहा था कोहराम

पुलिस कमिश्नर ममता सिंह ने बदमाश की क्रिमिनल हिस्ट्री का ब्योरा देते हुए बताया कि गोपाल उर्फ गोपी एक आदतन और साइकोपैथ किस्म का अपराधी था:

  • लगातार वारदातें: आरोपी करीब ढाई महीने पहले जेल से 70 दिन की पैरोल पर बाहर आया था। लेकिन जेल से बाहर आते ही उसने लगातार वारदातों की झड़ी लगा दी।

  • आगजनी और लूट: मई के महीने में उसने सबसे पहले मनोज के घर पर फायरिंग की। इसके महज 15-20 दिन बाद उसने गांव के ही एक शराब ठेके पर लूट के इरादे से ताबड़तोड़ फायरिंग की और वहां आगजनी (आग लगाने) की घटना को अंजाम दिया।

  • कार चोरी: इसके अलावा पानीपत के समालखा क्षेत्र से एक लग्जरी ब्रेजा कार चोरी करने का मामला भी उसके खिलाफ हाल ही में दर्ज हुआ था।

दो बार मिल चुकी थी कोर्ट से उम्रकैद

सोनीपत पुलिस के अनुसार, गोपाल उर्फ गोपी कानून और व्यवस्था के लिए कितना बड़ा खतरा था, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उसे माननीय अदालत द्वारा दो अलग-अलग हत्या के मामलों में दो बार आजीवन कारावास (Double Life Imprisonment) की सजा सुनाई जा चुकी थी। वह सजायाफ्ता होने के बावजूद पैरोल का गलत फायदा उठाकर समाज में खुलेआम घूम रहा था और एक के बाद एक वारदातों को अंजाम दे रहा था।

जांबाज हेड कांस्टेबल देवेंद्र आईसीयू में भर्ती; मुठभेड़ टीम में ये रहे शामिल

इस खतरनाक एनकाउंटर के दौरान अपनी जान की परवाह न करते हुए बदमाश का मुकाबला करने वाले हेड कांस्टेबल देवेंद्र के बाएं हाथ में बदमाश की एक गोली लगी। उन्हें तुरंत खानपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की विशेष टीम आईसीयू में उनका इलाज कर रही है। वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

इस साहसिक और कामयाब ऑपरेशन को अंजाम देने वाली सीआईए-1 गन्नौर की टीम का नेतृत्व प्रभारी इंस्पेक्टर राजीव कर रहे थे, जिसमें पीएसआई रविकांत, पीएसआई ओमवीर, सब इंस्पेक्टर मुकेश (सीआईए गन्नौर इंचार्ज), एएसआई विजेश्वर, एएसआई कृष्ण, हेड कांस्टेबल देवेंद्र, हेड कांस्टेबल राकेश और कांस्टेबल विकास सहित अन्य जवानों ने अहम भूमिका निभाई। पुलिस कमिश्नर ममता सिंह ने टीम की पीठ थपथपाते हुए कहा कि पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से सोनीपत में एक और बड़ा खून-खराबा होने से टल गया है।

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