सिरसा के किसानों ने मिसाल कायम की: रिकॉर्ड 85% धान कटाई, जागरूकता अभियान सफल
सिरसा/चंडीगढ़, 17 नवंबर - हरियाणा के सिरसा जिले के किसानों ने इस बार पराली (धान के अवशेष) न जलाने का संकल्प लेकर एक बड़ी मिसाल कायम की है। सरकार की योजनाओं और कृषि विभाग के अथक प्रयासों से जिले में धान की कटाई के बाद आगजनी की घटनाओं में ऐतिहासिक कमी दर्ज की गई है।
जिले में कुल 3,91,000 हेक्टेयर में धान की बिजाई की गई थी, जिसमें से लगभग 85% कटाई पूरी हो चुकी है, और सबसे बड़ी सफलता यह है कि इस बड़े क्षेत्र में किसानों ने जागरूकता दिखाते हुए अवशेषों में आग नहीं लगाई है। यह किसानों की बढ़ती जागरूकता और कृषि विभाग के सफल जागरूकता अभियानों का सीधा परिणाम है।
इस सफलता पर बात करते हुए उप कृषि निदेशक डॉ. सुखदेव कंबोज ने बताया कि विभाग के गाँव-गाँव जागरूकता अभियानों का गहरा असर हुआ है। उन्होंने पुष्टि की कि आगजनी की घटनाओं में भारी कमी आई है, हालांकि कुछ लापरवाही के मामले सामने आए हैं:
15 किसानों पर कार्रवाई: अब तक केवल 15 मामले आगजनी के सामने आए, जिन पर तुरंत जुर्माना लगाया गया, एफआईआर दर्ज हुई और उन्हें 2 साल के लिए सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित (रेड एंट्री) किया गया।
लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई: दो अधिकारियों की ड्यूटी में लापरवाही सामने आने पर उन्हें तुरंत सस्पेंड किया गया।
डॉ. कंबोज ने बताया कि पराली प्रबंधन के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए थे और बेलर (पराली गठान बनाने वाली मशीन) भी उपलब्ध करवाए गए थे, ताकि किसानों को कोई परेशानी न हो।
डॉ. कंबोज ने किसानों से भी अपील की है कि वे पराली न जलाकर वातावरण को स्वच्छ रखने में सहयोग करें और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाएं।
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