दिल्ली को देश का अग्रणी स्टार्टअप हब बनाने की तैयारी: कैबिनेट ने 'दिल्ली स्टार्टअप एवं इनक्यूबेशन नीति' को दी मंजूरी
नई दिल्ली, 17 जुलाई (अन्नू): दिल्ली को देश का अग्रणी नवाचार (इन्नोवेशन) और उद्यमिता केंद्र बनाने की दिशा में दिल्ली सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। गुरुवार को कैबिनेट की बैठक में नई 'दिल्ली स्टार्टअप एवं इनक्यूबेशन नीति' को हरी झंडी दे दी गई। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस नीति की घोषणा करते हुए बताया कि आगामी पांच वर्षों में इस महत्वाकांक्षी योजना पर 400 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च की जाएगी। इसका मुख्य उद्देश्य दिल्ली के युवाओं को उनके इनोवेटिव विचारों को सफल बिजनेस और स्टार्टअप में बदलने के लिए हर संभव वित्तीय सहायता, मार्गदर्शन और संसाधन उपलब्ध कराना है।
युवाओं को 'नौकरी तलाशने वाला' नहीं, 'नौकरी देने वाला' बनाना लक्ष्य: सीएम रेखा गुप्ता
नीति को कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह नीति दिल्ली के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें रोजगार खोजने वालों के बजाय रोजगार प्रदाता (नौकरी देने वाला) बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल है।
इस नीति के तहत दिल्ली के 11 राज्य विश्वविद्यालयों, 13 सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेजों, पॉलिटेक्निक, आईटीआई (ITI) और अन्य प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में एक मजबूत और आधुनिक नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र (इकोसिस्टम) विकसित किया जाएगा।
इन्क्यूबेशन सेंटरों को मिलेगी एकमुश्त और वार्षिक वित्तीय मदद
मुख्यमंत्री ने नीति के महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार पात्र संस्थानों में अत्याधुनिक इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित करने और उन्हें सशक्त बनाने के लिए एकमुश्त वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। इसके अलावा:
वार्षिक अनुदान: इन सेंटरों के सुचारू संचालन, मेंटरिंग, नेटवर्किंग और रिसर्च गतिविधियों के लिए सालाना बजट भी दिया जाएगा।
माइलस्टोन आधारित फंडिंग: नवोदित स्टार्टअप्स को उनके प्रोटोटाइप तैयार करने, प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट, उत्पाद विकास, बाजार परीक्षण और व्यवसायीकरण जैसे विभिन्न चरणों में माइलस्टोन आधारित वित्तीय सहायता मिलेगी।
विशेषज्ञों का मार्गदर्शन: युवाओं को इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स से मेंटरशिप, बौद्धिक संपदा (IPR) से जुड़ी कानूनी मदद, वर्ल्ड-क्लास प्रयोगशालाओं तक पहुंच और बड़े निवेशकों से सीधे जुड़ने के अवसर भी मिलेंगे।
कमेटी करेगी निगरानी: इस नीति के पारदर्शी और प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए 'स्टेट इन्क्यूबेशन पॉलिसी मॉनिटरिंग कमेटी' (SIPMC) का गठन किया गया है, जो इस पर लगातार निगरानी रखेगी।
इसके अलावा, दिल्ली सरकार हर साल 'दिल्ली स्टार्टअप युवा महोत्सव' का आयोजन करेगी, जो स्टार्टअप्स, निवेशकों, शैक्षणिक संस्थानों और नीति निर्माताओं को एक साझा मंच प्रदान करेगा।
दिल्ली के छात्रों के लिए मुख्यमंत्री की दो अन्य बड़ी घोषणाएं:
स्टार्टअप नीति की मंजूरी के साथ ही मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली के छात्रों के कल्याण के लिए दो बेहद महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं:
₹5 में भरपेट भोजन - अटल कैंटीन: आगामी 16 अगस्त से दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) परिसर में 'अटल कैंटीन' की शुरुआत होने जा रही है। इस कैंटीन के माध्यम से छात्रों को मात्र 5 रुपये में भरपेट और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।
यू-स्पेशल बसों के रूट्स में बढ़ोतरी: छात्रों को कॉलेज आने-जाने में होने वाली असुविधा को दूर करने के लिए दिल्ली सरकार 'यू-स्पेशल' (U-Special) बसों के रूटों की संख्या को बढ़ाकर 50 करने जा रही है। इसके साथ ही, बाहर से दिल्ली आकर पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के लिए बेहतर हॉस्टल सुविधाओं के निर्माण पर भी तेजी से काम किया जाएगा।
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