दस हजार रुपए की रिश्वत लेते पटवारी गिरफ्तार, कंप्यूटर ऑपरेटर फरार
राजस्व रिकॉर्ड में लोन एंट्री हटाने और नई एंट्री दर्ज करने के एवज में मांगी थी रिश्वत
चंडीगढ़, 20 नवंबर। राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, गुरुग्राम ने शिकायत पर कार्रवाई करते हुए विक्रम सिंह, हल्का पटवारी, कोटिया, तहसील कनीना, जिला महेंद्रगढ़ को ₹10,000 (दस हजार रुपये) नकद रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
इस मामले में पटवारी विक्रम सिंह के साथ-साथ विजय, कंप्यूटर ऑपरेटर, तहसील कनीना, जिला महेंद्रगढ़ को भी आरोपी बनाया गया है। दोनों के खिलाफ थाना राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, गुरुग्राम में अभियोग संख्या 40 दिनांक 20.11.2025, धारा 7 पीसी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। कंप्यूटर ऑपरेटर विजय फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
क्या था मामला?
शिकायतकर्ता ने ब्यूरो को बताया कि उसके पिता ने वर्ष 2024 में इंडिया शेल्टर बैंक, नीमराना, राजस्थान से एक मकान का लोन लिया था, जो राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज था और अब यह लोन पूरा हो चुका है। शिकायतकर्ता इस पहले वाले लोन की एंट्री को राजस्व रिकॉर्ड से हटवाने के लिए बैंक से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) लेकर पटवारी विक्रम सिंह से मिला था। पटवारी ने इस काम के लिए पैसे लगेंगे कहकर रिश्वत की मांग की।
इसके अतिरिक्त, शिकायतकर्ता के पिता ने वर्ष 2025 में उत्कर्ष बैंक, रेवाड़ी से एक दूसरा मकान लोन लिया था। दिनांक 18.11.2025 को जब शिकायतकर्ता इस नए लोन के कागजात को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करवाने के लिए पटवारी विक्रम से मिला, तो आरोपी ने इस पूरे काम के लिए ₹22,500 नकद रिश्वत देने को कहा। पटवारी ने शिकायतकर्ता को कंप्यूटर ऑपरेटर विजय से मिलने को कहा, जो रिकॉर्ड में लोन की एंट्री दर्ज करेगा।
शिकायतकर्ता ने कंप्यूटर ऑपरेटर विजय से संपर्क किया, जिसने इस काम के लिए ₹2,000 अपने मोबाइल नंबर 94856-35253 पर Google Pay के माध्यम से तुरंत ले लिए।
गिरफ्तारी की कार्रवाई
पटवारी विक्रम सिंह द्वारा मांगी गई कुल रिश्वत राशि में से शिकायतकर्ता द्वारा ₹10,000 का इंतजाम होने पर, पटवारी इस राशि को नकद रिश्वत के तौर पर लेने के लिए सहमत हो गया। इसी दौरान, राज्य सतर्कता ब्यूरो ने जाल बिछाकर आरोपी विक्रम सिंह, हल्का पटवारी को ₹10,000 की नकद रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। फरार आरोपी विजय की तलाश में पुलिस टीमें जुटी हुई हैं।