14/05/26

चंडीगढ़ में अब स्मार्ट होगी पार्किंग: नगर निगम ने पारदर्शिता के लिए कसी कमर

चंडीगढ़, 14 मई (अन्‍नू): चंडीगढ़ नगर निगम ने शहर की सड़कों और बाजारों में पार्किंग व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक फेरबदल किया है। अब शहर के सभी पार्किंग ठेकों को अपने दैनिक राजस्व, वाहनों की कुल संख्या और संचालन संबंधी विस्तृत रिपोर्ट प्रतिदिन निगम की पार्किंग शाखा को देनी होगी। ज्वाइंट कमिश्नर डॉ. इंदरजीत ने इस प्रक्रिया को अनिवार्य करते हुए अधिकारियों को पिछले एक महीने के रिकॉर्ड की गहन समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। इस कदम का मुख्य उद्देश्य पार्किंग शुल्क की वसूली में होने वाली अनियमितताओं को रोकना और राजस्व के नुकसान को शून्य करना है।


अवैध वसूली और गड़बड़ियों पर निगम का प्रहार

बीते समय में चंडीगढ़ की पार्किंग व्यवस्था कई विवादों और भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरी रही है। कई स्थानों पर बिना रसीद के शुल्क लेने और वाहनों की वास्तविक संख्या को कागजों में कम दिखाने की शिकायतें आम थीं, जिससे निगम के खजाने को भारी चपत लग रही थी। मैनुअल एंट्री के नाम पर होने वाले इस 'लीकेज' को रोकने के लिए अब डिजिटल निगरानी और नियमित फिजिकल वेरिफिकेशन का सहारा लिया जा रहा है। निगम ने स्पष्ट किया है कि अब पार्किंग स्थलों पर तैनात प्रत्येक कर्मचारी का पूरा रिकॉर्ड रखा जाएगा और अधिकारियों द्वारा मौके पर औचक निरीक्षण किया जाएगा।


घाटे वाली पार्किंग साइटों पर होगा फैसला

नगर निगम की समीक्षा बैठक में उन क्षेत्रों पर भी ध्यान केंद्रित किया गया जहाँ से प्राप्त आय, वहां के संचालन पर होने वाले खर्च से भी कम है। रोड डिवीजन के अधिकारियों को ऐसी कम आय वाली साइटों की सूची तैयार करने को कहा गया है। समीक्षा के बाद निगम यह निर्णय लेगा कि घाटे में चल रही इन पार्किंग साइटों को भविष्य में जारी रखा जाए या इन्हें बंद कर दिया जाए। विशेष रूप से सेक्टर-34 और सेक्टर-43 जैसे क्षेत्रों के पिछले एक माह के राजस्व रिकॉर्ड की बारीकी से जांच की जा रही है।



डिजिटल भुगतान और पीओएस मशीनों में सुधार

स्मार्ट सिटी की तर्ज पर अब पार्किंग में नकद के बजाय डिजिटल भुगतान को प्राथमिकता दी जा रही है। कई जगहों पर पीओएस (POS) मशीनों में तकनीकी खराबी और बैटरी की समस्याओं के कारण लोगों को असुविधा हो रही थी, जिससे मैनुअल वसूली की गुंजाइश बनी रहती थी। इस समस्या के समाधान के लिए नगर निगम अब बैंक ऑफ बड़ौदा के साथ मिलकर तकनीकी बाधाओं को दूर करेगा। बैंक को पत्र लिखकर मशीनों को दुरुस्त करने और ऑनलाइन भुगतान प्रक्रिया को निर्बाध बनाने के लिए कहा गया है।



व्यस्त बाजारों और मॉल के लिए विशेष रणनीति

एलांते मॉल और सेक्टर-17, 22, 34 जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में पार्किंग के बढ़ते दबाव को देखते हुए विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है। इन क्षेत्रों में ट्रैफिक जाम और अवैध पार्किंग की समस्या से निपटने के लिए जरूरत के अनुसार बैरिकेडिंग करने और कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। निगम का लक्ष्य है कि शहरवासियों को सुलभ पार्किंग मिले और बिना किसी शुल्क के किसी भी वाहन की अनधिकृत एंट्री न हो सके, जिससे पार्किंग का बुनियादी ढांचा आर्थिक रूप से मजबूत हो सके।



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