पानीपत: महज 10 रुपये के विवाद में गोलगप्पे विक्रेता की हत्या, पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार
हरियाणा/पानीपत, 25 मार्च (अन्नू): हरियाणा के पानीपत से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ केवल 10 रुपये के मामूली लेन-देन को लेकर हुए विवाद ने एक 17 वर्षीय किशोर की जान ले ली। पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि गोलगप्पे बेचने वाले अश्वनी की हत्या महज इसलिए कर दी गई क्योंकि उसने आरोपियों से खाने के पूरे पैसे मांग लिए थे। पानीपत पुलिस की सीआईए (CIA) यूनिट ने तत्परता दिखाते हुए इस गुत्थी को सुलझा लिया है और दो मुख्य आरोपियों को दबोच लिया है, जबकि उनके एक अन्य साथी की तलाश जारी है।
मात्र 10 रुपये का अंतर पुलिस पूछताछ में सामने आया कि शनिवार की शाम आरोपी अश्वनी की रेहड़ी पर गोलगप्पे खाने आए थे। खाने के बाद जब पैसों का हिसाब हुआ, तो आरोपियों ने अश्वनी को 50 रुपये दिए, जबकि कुल बिल के अनुसार 10 रुपये और बकाया थे। जब अश्वनी ने अपने हक के 10 रुपये मांगे, तो आरोपी भड़क गए और उनके बीच तीखी बहस शुरू हो गई। उस समय तो आरोपी वहां से चले गए, लेकिन उनके मन में रंजिश बैठ गई थी।
रास्ते में घेरकर किया जानलेवा हमला रात करीब 8:15 बजे, जब अश्वनी कुटानी रोड स्थित रानी महल के पास से अपनी रेहड़ी लेकर घर की ओर लौट रहा था, तभी हमलावरों ने उसे रास्ते में घेर लिया। आरोपियों ने अश्वनी पर चाकुओं से ताबड़तोड़ 5 वार किए, जिससे उसके पेट, छाती और पसलियों में गहरे जख्म हो गए। लहूलुहान हालत में अश्वनी को सड़क पर छोड़कर हमलावर मौके से फरार हो गए। परिजन उसे तुरंत अस्पताल ले गए, लेकिन रोहतक पीजीआई ले जाते समय रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। मृतक मूल रूप से कानपुर (यूपी) का निवासी था और मात्र चार दिन पहले ही काम के लिए पानीपत आया था।
आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड पकड़े गए आरोपियों की पहचान डाबर कॉलोनी निवासी केशव और राजेश के रूप में हुई है, जो आपस में सगे भाई हैं। पुलिस के अनुसार, इन दोनों का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और फरवरी महीने में एक बिजलीकर्मी पर हमला करने के मामले में भी इन पर केस दर्ज है। पुलिस अब इन्हें रिमांड पर लेकर हत्या में प्रयुक्त हथियार और मोबाइल बरामद करने की कोशिश करेगी।
मदद के बजाय वीडियो बनाते रहे लोग इस घटना का एक बेहद दुखद पहलू यह भी रहा कि जब अश्वनी सड़क पर तड़प रहा था, तो वहां मौजूद राहगीर उसकी मदद करने या अस्पताल पहुँचाने के बजाय अपने मोबाइल से वीडियो बनाते रहे। मृतक के परिजनों का कहना है कि अगर समय रहते उसे डॉक्टरी सहायता मिल जाती, तो शायद उसकी जान बच सकती थी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है और फरार आरोपी की तलाश तेज कर दी है।
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