ओस्का व इद्रीश फाउंडेशन ने वृद्धाश्रम में बुजुर्गों के संग बिताए सुनहरे पल
जे कुमार 3 अगस्त अम्बाला : ऑर्गनाइजेशन फॉर सोशल एंड कल्चरल अवेयरनेस (ओस्का) एवं इद्रीश फाउंडेशन द्वारा संचालित इंटर्नशिप कार्यक्रम के अंतर्गत इंटर्नशिप कर रहे विद्यार्थियों अपना घर वृद्धाश्रम, अम्बाला छावनी का दौरा किया। विद्यार्थियों ने वहां मौजूद बुजुर्गों के साथ समय बिताया, उनकी बातें सुनीं और उन्हें अपनेपन का एहसास दिलाया। मौके पर विद्यार्थियों ने गीत-संगीत प्रस्तुत कर बुजुर्गों का मनोरंजन किया, जिससे पूरे माहौल में खुशी और अपनत्व का संचार हुआ।
संस्थान के प्रतिनिधियों ने बताया कि इस प्रकार की गतिविधियों का उद्देश्य युवा पीढ़ी में सेवा, संवेदनशीलता और मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देना है। कार्यक्रम के दौरान बुजुर्गों ने कहा कि उन्हें आज ऐसा लगा जैसे अपने बच्चे हमारे पास लौट आए हैं। वहीं एक अन्य बुजुर्ग ने मुस्कुराते हुए कहा, आप लोगों के गाने सुनकर पुराने दिन याद आ गए, बहुत अच्छा लगा।
ओस्का के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल भांकर ने इस अवसर पर कहा कि हम मानते हैं कि बुजुर्ग अनुभवों और परंपराओं के भंडार हैं, उनके साथ समय बिताना हमारे लिए सौभाग्य की बात है। ओस्का के सहसचिव राजिन्दर मीरवाल ने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल सामाजिक कार्य करना नहीं, बल्कि युवाओं में मानवीय संवेदनाओं और बुजुर्गों के प्रति सम्मान की भावना जागृत करना है। ये पल न केवल बुजुर्गों के लिए खास होते हैं, बल्कि युवाओं को भी जीवन के अमूल्य अनुभव सिखाते हैं।
इद्रीश फांउडेशन की संस्थापक नेहा परवीन ने बताया कि इंटर्नशिप कर रहे विद्यार्थियों ने बुजुर्गों के साथ मिलकर गीत गाए जिससे अपना घर के आंगन में हंसी गूंज उठी और गीतों की मधुर धुन से माहौल खुशनुमा हो गया। उन्होने कहा कि इस तरह की गतिविधियाँ समाज में पीढ़ियों के बीच आपसी जुड़ाव और अपनत्व को मजबूत करती हैं।
इस अवसर पर बुजुर्गों ने अपने अनुभव सांझा करने के साथ-साथ गाने और भजन भी सुनाए तथा ओस्का के राष्ट्रीय कोर्डिनेटर तुषार सागर ने पुराने गानों के साथ-साथ भजन भी प्रस्तुत किये। वहीं बच्चों में सक्षम पूनिया ने गाने तथा नियति ने कविता पाठ से सबका मन मोह लिया।
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