NIT कुरुक्षेत्र: कर्मचारी संघ ने प्रशासन के खिलाफ खोला मोर्चा; पीआरओ बोले— "भर्तियां बंद होने के कारण की गई कंसल्टेंट की नियुक्ति"
कुरुक्षेत्र, 24 जून (अन्नू): राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) कुरुक्षेत्र में कर्मचारी संघ और संस्थान प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो गई है। अपनी विभिन्न लंबित मांगों और हाल ही में हुई कुछ नियुक्तियों से नाराज कर्मचारियों ने मंगलवार देर शाम संस्थान परिसर में प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद कर्मचारी संघ ने अपनी मांगों को लेकर संस्थान प्रशासन को एक आधिकारिक ज्ञापन भी सौंपा। वहीं दूसरी ओर, संस्थान प्रशासन ने भी इस मामले पर अपनी विवशता और पक्ष को स्पष्ट किया है।
रिटायर्ड कर्मचारियों को कंसल्टेंट बनाने का कड़ा विरोध
कर्मचारी संघ ने प्रशासन पर चहेतों को उपकृत करने का आरोप लगाते हुए दो विशिष्ट नियुक्तियों पर उंगली उठाई है:
राजकुमार की नियुक्ति पर सवाल: कर्मचारी संघ का आरोप है कि संस्थान से बीते 30 अप्रैल को सेवानिवृत्त हुए राजकुमार को प्रशासन ने तुरंत कंसल्टेंट के पद पर नियुक्त कर दिया। कर्मचारियों का कहना है कि उक्त अधिकारी की कार्यशैली को लेकर पहले भी कर्मचारियों में भारी विरोध रहा है, इसके बावजूद उन्हें दोबारा जिम्मेदारी सौंप दी गई।
रणजीत की दोबारा नियुक्ति: इसके साथ ही संघ ने संस्थान में कुछ वर्ष पहले सेवानिवृत्त हुए एक अन्य अधिकारी रणजीत को भी कंसल्टेंट नियुक्त किए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई।
कर्मचारियों ने एक सुर में मांग की है कि इन दोनों कंसल्टेंट की नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से समाप्त की जाएं। संघ का तर्क है कि बाहर से या रिटायर्ड लोगों को रखने के बजाय संस्थान के वर्तमान और सेवारत कर्मचारियों से ही यह कार्य लिया जाना चाहिए।
MACP, अपग्रेडेशन और प्रमोशन के मुद्दे पर फूटा गुस्सा
कंसल्टेंट नियुक्तियों के अलावा, कर्मचारी संघ ने लंबे समय से लटके अपने विभागीय मुद्दों को लेकर भी प्रशासन को घेरा। ज्ञापन में मुख्य रूप से निम्नलिखित मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया:
लंबित पदोन्नति (Promotion): गैर-शिक्षण (Non-Teaching) कर्मचारियों की पदोन्नति के मामले पिछले काफी समय से फाइलों में दबे हुए हैं।
MACP और अपग्रेडेशन: वर्ष 2022-23 से कई पात्र और योग्य कर्मचारियों के एमएसीपी (MACP) और वेतनमान अपग्रेडेशन के मामले लंबित पड़े हैं, जिससे कर्मचारियों में भारी असंतोष है।
कर्मचारी नेताओं ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि उनके द्वारा सौंपे गए ज्ञापन पर जल्द ही कोई सकारात्मक और समयबद्ध समाधान नहीं निकाला गया, तो इस आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
संस्थान प्रशासन का पक्ष: नियमित भर्तियां बंद होने के कारण मजबूरी में की व्यवस्था
इस पूरे विवाद और कर्मचारियों के प्रदर्शन पर संस्थान का पक्ष रखते हुए एनआईटी कुरुक्षेत्र के जनसंपर्क अधिकारी (PRO) डॉ. दिलबाग ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया:
काम सुचारू रखना जरूरी: संस्थान में वर्तमान समय में नियमित भर्तियां पूरी तरह से बंद हैं। ऐसे में संस्थान के दैनिक और प्रशासनिक कामकाज को सुचारू रूप से चलाने और कार्यों में किसी भी प्रकार की बाधा को रोकने के लिए इन दो कंसल्टेंट की नियुक्ति की गई है।
अस्थायी व्यवस्था: जब तक नई भर्तियां दोबारा शुरू नहीं हो जातीं, तब तक संस्थान को अपने दैनिक कार्य संचालित करने के लिए अनुभवी लोगों की आवश्यकता है। जैसे ही नई भर्तियां पूरी हो जाएंगी और आवश्यक पद भर जाएंगे, उसके बाद कंसल्टेंट की आवश्यकता की समीक्षा की जाएगी।
निदेशक लेंगे अंतिम निर्णय: डॉ. दिलबाग ने स्पष्ट किया कि इस पूरे मामले पर अंतिम और सर्वोच्च निर्णय संस्थान के निदेशक (Director) स्तर पर ही लिया जाएगा। निदेशक महोदय जो भी निर्णय लेंगे, उसे सभी संबंधित पक्षों के समक्ष पारदर्शी तरीके से रखा जाएगा।
#NITKurukshetra #EmployeeProtest #KurukshetraNews #NITAdministration #ConsultantAppointmentProtest #PRODrDilbagh #NonTeachingStaff #MACP #PromotionIssue #HaryanaEducationNews #BreakingNews #DanikKhabar
Previous
आज 24 जून का इतिहास
Next