राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन ने पिछले दो महीनों के दौरान उपभोक्ताओं को 7.14 करोड़ रुपये वापस किए
आरएस अनेजा, 05 जुलाई नई दिल्ली
राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (एनसीएच) ने पिछले दो महीनों के दौरान उपभोक्ताओं को 7.14 करोड़ रुपये का रिफंड उपलब्ध कराया है। यह समाधान 30 क्षेत्रों में किया गया, जिसमें रिफंड दावों से संबंधित 15,426 उपभोक्ता शिकायतों का प्रभावी ढंग से निवारण किया गया।
एनसीएच, भारत सरकार के उपभोक्ता मामले विभाग की एक प्रमुख पहल है, जो उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत उपभोक्ता आयोगों पर बोझ को कम करते हुए उपभोक्ता शिकायतों को तेजी और सौहार्दपूर्ण ढंग से समाधान करने में महत्वपूर्ण पूर्व-मुकदमेबाजी की भूमिका निभाती है।
ई-कॉमर्स क्षेत्र में सबसे अधिक शिकायतें दर्ज की गईं, जिसमें 8,919 शिकायतें दर्ज की गईं और तदनुसार, सबसे अधिक रिफंड सुविधा प्रदान की गई, जो 3.69 करोड़ रुपये थी। इसके बाद ट्रैवल और टूरिज्म सेक्टर का स्थान रहा, जिसमें 81 लाख रुपये का रिफंड हुआ ।
उल्लेखनीय है कि ई-कॉमर्स रिफंड से संबंधित शिकायतें पूरे देश से आईं, जिनमें सबसे अधिक उत्तर प्रदेश से 1242 शिकायतें आईं और यहां तक कि सिक्किम और दादरा एवं नगर हवेली जैसे छोटे क्षेत्रों से भी शिकायतें दर्ज की गईं। यह वास्तव में एक राष्ट्रव्यापी उपभोक्ता निवारण मंच के रूप में एनसीएच की प्रभावशीलता को दर्शाता है।
यह हेल्पलाइन देशभर के उपभोक्ताओं के लिए मुकदमे-पूर्व चरण में शिकायत निवारण के लिए एकल पहुंच बिंदु के रूप में उभरी है। उपभोक्ता 17 भाषाओं में अपनी शिकायतें टोल-फ्री नंबर 1915 के माध्यम से दर्ज करा सकते हैं। शिकायतें एकीकृत शिकायत निवारण तंत्र (आईएनजीआरएएम) के माध्यम से भी प्रस्तुत की जा सकती हैं, जो एक सर्व-चैनल, आईटी-सक्षम केंद्रीय पोर्टल है। इस उद्देश्य के लिए कई चैनल उपलब्ध हैं, जिनमें व्हाट्सएप (8800001915), एसएमएस (8800001915), ईमेल (nch-ca[at]gov[dot]in), एनसीएच ऐप, वेब पोर्टल (consumerhelpline.gov.in) और उमंग ऐप शामिल हैं जो उपभोक्ताओं को आसान सुविधा प्रदान करते हैं।
विभाग उपभोक्ता संरक्षण ढांचे को मजबूत करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराता है और सभी उपभोक्ताओं से अपने अधिकारों की रक्षा करने तथा समय पर उसका समाधान पाने के लिए हेल्पलाइन का उपयोग करने का आग्रह करता है।