हरियाणा में मानसून की रफ्तार: आज अम्बाला व गुरुग्राम समेत 17 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट; अगले 4 दिन पूरे सूबे में झमाझम
हरियाणा/मौसम, 4 जुलाई (अन्नू): उत्तर भारत में रफ्तार पकड़ चुके दक्षिण-पश्चिम मानसून ने हरियाणा में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। मानसूनी हवाएं अब आगे बढ़ते हुए हरियाणा के हिसार और पंजाब के बठिंडा तक पहुंच चुकी हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन के अनुसार, मानसून गुजरात, मध्य प्रदेश और राजस्थान के बचे हुए तमाम इलाकों को कवर करने के बाद अब हरियाणा के नए क्षेत्रों में प्रवेश कर चुका है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले 4-5 दिनों में मानसून के पूरे सूबे में छा जाने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह से अनुकूल बनी हुई हैं। मानसून की इस प्रगति से प्रदेश में आज से बारिश की गतिविधियों में भारी तेजी आएगी, जिससे लोगों को पिछले कई दिनों से सता रही उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी।
आज अंबाला-रोहतक सहित 17 जिलों में यलो अलर्ट
मौसम विभाग ने आज शनिवार को हरियाणा के 17 जिलों (विशेषकर उत्तरी और दक्षिणी-पूर्वी हिस्सों) में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। इसके तहत अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, करनाल, पंचकूला, सोनीपत, पानीपत, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल, नूंह और रोहतक जैसे जिलों में गरज-चमक और आसमानी बिजली कड़कने के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।
यमुनानगर में सबसे ज्यादा बारिश, पश्चिमी जिलों को अभी भी इंतजार
वर्तमान मौसमी सिस्टम के अनुसार, मानसून का असर मुख्य रूप से पूर्वी, उत्तरी और दक्षिणी हरियाणा में ही देखने को मिल रहा है। पिछले 24 घंटों के बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो:
कहाँ कितनी बारिश: यमुनानगर जिले में सबसे ज्यादा 11.0 मिमी बारिश दर्ज की गई है। इसके अलावा सोनीपत में 6.5 मिमी, महेंद्रगढ़ में 6.0 मिमी और गुरुग्राम में 5.0 मिमी पानी बरसा है।
ये हिस्से रहे सूखे: इसके उलट, हरियाणा के पश्चिमी जिलों सिरसा और फतेहाबाद में मानसून अभी भी सुस्त बना हुआ है और वहां के अधिकांश हिस्से पूरी तरह सूखे रहे हैं। हालांकि, मौसम विभाग का कहना है कि 6 जुलाई से मानसूनी सिस्टम पूरे प्रदेश में एक समान रूप से सक्रिय होगा और सभी जिलों को सराबोर करेगा।
धान और कपास उत्पादक किसानों के लिए विशेष कृषि एडवाइजरी
यह मानसूनी बारिश जहां आम जनता को भीषण गर्मी से निजात दिलाएगी, वहीं किसानों के लिए धान की रोपाई और अन्य खरीफ फसलों के लिए अमृत साबित होगी। इसी को देखते हुए मौसम विभाग ने किसानों के लिए विशेष गाइडलाइन जारी की है:
मौसम देखकर करें काम: किसान अपनी कृषि गतिविधियों जैसे सिंचाई, खेतों में खाद डालना और कीटनाशकों का छिड़काव केवल मौसम के पूर्वानुमान को देखकर ही करें।
जलभराव से बचें: धान की नर्सरी और विशेष रूप से कपास (नरमा) की खेती करने वाले किसान खेतों में पानी जमा होने (जलभराव) से रोकने के लिए पानी की निकासी का उचित और पुख्ता प्रबंधन पहले से ही तैयार रखें, ताकि फसलों को नुकसान न हो।
अंबाला रहा सबसे गर्म, उमस बढ़ी; नारनौल में रातें सबसे ठंडी
दिन का तापमान: मानसून की आहट और बादलों की लुकाछिपी के बीच सूबे के अधिकतम तापमान में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। बीते दिन अंबाला में सबसे अधिक 38.6°C तापमान दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.0°C ज्यादा है। राज्य के जिन उत्तरी हिस्सों में कल बारिश नहीं हुई, वहां पारा चढ़ने से उमस काफी बढ़ गई है। वहीं, जिन इलाकों में हल्की बौछारें पड़ी हैं, वहां दिन का तापमान सामान्य से 2°C से लेकर 5°C तक नीचे गिर गया है।
रात का तापमान: हवा में नमी बढ़ने के कारण सूबे के औसत न्यूनतम तापमान में 3.5°C की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके बावजूद, महेंद्रगढ़ का नारनौल 21.0°C न्यूनतम तापमान के साथ राज्य में सबसे ठंडा रहा, जो सामान्य से 5.0°C कम है। इसके विपरीत, प्रदेश के अधिकांश शहरों में रात का पारा 26°C से 29°C के बीच बना हुआ है, जबकि फरीदाबाद में रात का तापमान सबसे ज्यादा 29.7°C रिकॉर्ड किया गया।
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