मनी लॉन्ड्रिंग मामला: टीडीआई इंफ्रास्ट्रक्चर और उसके निदेशकों पर ED का शिकंजा, 349 करोड़ की संपत्ति कुर्क
नई दिल्ली, 12 मई (अन्नू): ईडी (ED) द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार, नई दिल्ली के पटियाला हाउस जिला न्यायालय स्थित विशेष पीएमएलए न्यायाधीश ने टीडीआई इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड और उसके निदेशकों—रविंद्र तनेजा, कमल तनेजा और डी एन तनेजा के खिलाफ नोटिस जारी किया है। इन सभी पर धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के प्रावधानों के तहत गंभीर आरोप लगाए गए हैं। यह कार्रवाई दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज कई एफआईआर और आरोपपत्रों के आधार पर शुरू की गई जांच का हिस्सा है।
हजारों ग्राहकों से ठगे ₹4,619 करोड़, 18 साल की देरी
प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, टीडीआई इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ने हरियाणा के कुंडली (सोनीपत) में कई कमर्शियल और आवासीय प्रोजेक्ट शुरू किए थे। कंपनी ने साल 2005 से 2014 के बीच 26 प्रोजेक्ट्स के नाम पर 14,105 ग्राहकों से एडवांस बुकिंग के रूप में लगभग 4,619.43 करोड़ रुपये एकत्र किए। जांच में सामने आया कि कंपनी ग्राहकों को समय पर फ्लैट देने में विफल रही और कुछ मामलों में तो 16 से 18 साल की देरी के बाद भी धोखाधड़ी और जालसाजी की गई। कंपनी का 'पार्क स्ट्रीट' प्रोजेक्ट आज भी अधूरा पड़ा है।
ग्राहकों के पैसे का निजी इस्तेमाल और संपत्तियों की कुर्की
ईडी की जांच में यह खुलासा हुआ है कि कंपनी के प्रमोटरों और निदेशकों ने ग्राहकों से मिले धन का उपयोग आवासीय परियोजनाओं को पूरा करने के बजाय अन्य उद्देश्यों के लिए किया। इस पैसे को जमीन खरीदने, सहायक कंपनियों में ट्रांसफर करने और अपने पुराने ऋणों को चुकाने के लिए इस्तेमाल किया गया। इसी के चलते परियोजनाओं के निर्माण में भारी देरी हुई। प्रेस रिलीज के अनुसार, ईडी ने अब तक इस मामले में कुल 349.55 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है और अदालत से इन्हें स्थायी रूप से जब्त करने की प्रार्थना की है।
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