मोगा फायरिंग मामला: अनाज मंडी का मजदूर निकला हथियारों का सौदागर, जम्मू से दो गिरफ्तार
पंजाब, 25 फरवरी (अन्नू): मोगा में प्रवासी श्रमिकों पर हुए हमले की जांच कर रही पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। इस सनसनीखेज साजिश की परतों को खोलते हुए पुलिस ने हथियार सप्लाई करने वाले मुख्य आरोपी अमन शर्मा (27) को जम्मू-कश्मीर से उसके रिश्तेदार शुभम शर्मा के साथ दबोच लिया है। हैरानी की बात यह है कि अमन शर्मा लंबे समय से चंडीगढ़ के सेक्टर-26 स्थित अनाज मंडी में पल्लेदार (मजदूर) के रूप में काम कर रहा था। एक साधारण मजदूर का मुखौटा पहनकर वह पुलिस की नज़रों से बचता रहा और आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देता रहा।
जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि अमन और शुभम केवल हथियार मुहैया कराने तक सीमित नहीं थे, बल्कि वे 'बैकअप शूटर' के तौर पर भी तैयार थे। डीआईजी फरीदकोट रेंज, नीलांबरी जगदले विजय के अनुसार, यदि मुख्य हमलावर वारदात में विफल रहते, तो इन दोनों को मोर्चा संभालने की जिम्मेदारी दी गई थी। पुलिस अब इस बात की गहनता से तफ्तीश कर रही है कि चंडीगढ़ में मजदूरी के दौरान अमन किन लोगों के संपर्क में था और उसे हथियारों की यह खेप कहाँ से प्राप्त हुई।
इस पूरे घटनाक्रम के तार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से भी जुड़े हैं। आरोपी कथित तौर पर 'लक्खा बुट्टर' नामक एक सोशल मीडिया आईडी चलाने वाले व्यक्ति के संपर्क में थे, जिसने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी। पुलिस अब इस डिजिटल नेटवर्क को खंगाल रही है ताकि मास्टरमाइंड की सही लोकेशन और उसके व्यापक संपर्कों का पता लगाया जा सके। अब तक की जांच में यह संकेत मिले हैं कि अमन ने महज चंद रुपयों के लालच में इस खतरनाक अपराध का रास्ता चुना।
10 फरवरी को जीरा रोड पर हुई इस फायरिंग के मामले में अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें तीन मुख्य शूटर भी शामिल हैं। पुलिस ने इनके पास से दो हैंड ग्रेनेड और पिस्टल समेत अन्य गोला-बारूद बरामद किया है। हाल ही में एक शूटर शाहबीर सिंह की निशानदेही पर फिरोजपुर से जिंदा ग्रेनेड मिलने के बाद पुलिस इस नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए पंजाब से लेकर चंडीगढ़ और हरियाणा तक छापेमारी कर रही है।
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