17/09/26

'विशेष अभियान 6.0' के लिए तैयार इस्पात मंत्रालय: स्वच्छता, ई-वेस्ट प्रबंधन और सुशासन पर रहेगा विशेष जोर

आरएस अनेजा, 17 सितंबर नई दिल्ली - इस्पात मंत्रालय और इसके सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (PSU) 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर, 2026 तक चलने वाले 'विशेष अभियान 6.0' (Special Campaign 6.0) में भाग लेने के लिए तैयार हैं। इस अभियान का मकसद स्वच्छता, स्थिरता और कुशल कामकाज के प्रति मंत्रालय की प्रतिबद्धता को और मजबूत करना है, जिसमें ई-वेस्ट (इलेक्ट्रॉनिक कचरे) को इकट्ठा करने, अलग-अलग करने और उसके निपटान पर खास जोर दिया जाएगा।

'विशेष अभियान 5.0' (अक्टूबर 2025) के दौरान, मंत्रालय ने अपने कार्यालयों और PSU में बड़े पैमाने पर गतिविधियां चलाईं। इससे लंबित मामलों को निपटाने, बेकार फाइलों को हटाने और जगह के बेहतर इस्तेमाल में काफी प्रगति हुई। इन प्रयासों ने रिकॉर्ड के सही रखरखाव और बेहतर सेवा देने की नींव रखी।

अभियान के बाद भी इस गति को बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किए गए। पुराने रिकॉर्ड हटाए गए, कबाड़ निपटाने की प्रक्रियाओं को आसान बनाया गया और शिकायतों का निपटारा अधिक कुशलता से किया गया। इससे स्वच्छता और प्रशासनिक दक्षता को एक निरंतर प्रक्रिया बनाने का मंत्रालय का संकल्प झलकता है।

'विशेष अभियान 6.0' इन उपलब्धियों को आगे बढ़ाएगा और चार प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर खास ध्यान देगा:

ई-वेस्ट प्रबंधन: ई-वेस्ट (प्रबंधन) नियम, 2022 के अनुसार ई-वेस्ट को इकट्ठा करने और अलग-अलग करने की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करना।

मशीनीकृत सफाई के तरीके: कार्यस्थल पर साफ-सफाई और दक्षता बनाए रखने के लिए आधुनिक सफाई तरीकों का इस्तेमाल बढ़ाना।

लंबित मामलों का समय पर निपटारा: PMO, राज्य सरकारों, संसद और VIP मामलों से जुड़े लंबित संदर्भों को निपटाना, साथ ही पुरानी फाइलों और रिकॉर्ड का व्यवस्थित निपटारा जारी रखना।

जागरूकता और भागीदारी: स्वच्छता अभियानों के बारे में जागरूकता फैलाने और लोगों की भागीदारी बढ़ाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म और आउटरीच गतिविधियों का इस्तेमाल करना।

यह अभियान दो चरणों में चलाया जाएगा: तैयारी का चरण (15-30 सितंबर, 2026), जिसके दौरान लक्ष्य तय किए जाएंगे और शुरुआती काम किए जाएंगे; इसके बाद कार्यान्वयन चरण (2-31 अक्टूबर, 2026) होगा, जिसमें काम को पूरा करने, निगरानी करने और मापने योग्य नतीजों पर ध्यान दिया जाएगा।

इस्पात मंत्रालय कुशल और नागरिक-केंद्रित शासन के व्यापक लक्ष्यों के अनुरूप स्वच्छता, शिकायतों के निवारण और टिकाऊ तौर-तरीकों में नए मानक स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

Previous

रिश्वतखोरी मामले में CBI की बड़ी कार्रवाई: RDSO लखनऊ के डिप्टी डायरेक्टर समेत 4 गिरफ्तार; 8.73 लाख कैश बरामद

Next

गहरे समुद्र में मछली पकड़ने को नई रफ्तार: गांधीनगर में सजने जा रहा है मत्स्य पालन क्षेत्र का महामंच