चिकित्सा एक पेशा नहीं है, मानव सेवा इसका माध्यम है - मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश

एन.एस.बाछल, 19 मई, भोपाल।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मरीजों का इलाज करना सिर्फ एक व्यवसाय नहीं है, बल्कि यह मानव सेवा का एक माध्यम है। हमें ऐसे डॉक्टर तैयार करने होंगे जो मानव सेवा और रोगी सेवा के लिए तत्पर हों। मुख्यमंत्री डॉ. यादव समत्व भवन (मुख्यमंत्री आवास) में आयोजित एक समझौता ज्ञापन बैठक को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव और उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला की उपस्थिति में, राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग और सेवनकुर इंडिया के अधिकारियों ने बाबासाहेब अंबेडकर मेडिकल इंस्टीट्यूट, छत्रपति संभाजी नगर (महाराष्ट्र) के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए और उसका आदान-प्रदान किया। यह समझौता ज्ञापन 5 वर्ष की अवधि का है। इस एमओयू का मुख्य उद्देश्य मध्य प्रदेश को सेवा-उन्मुख स्वास्थ्य नेतृत्व का एक आदर्श राज्य बनाना है। इसका उद्देश्य सेवा-उन्मुख डॉक्टरों की एक ऐसी पीढ़ी तैयार करना है जो न केवल पेशेवर हों बल्कि समाज में बदलाव के वाहक भी हों। यह एमओयू अनुभव-आधारित शिक्षा और मूल्य-आधारित नेतृत्व विकास के सिद्धांतों पर आधारित है, अर्थात् सेवा के माध्यम से सीखना। इसके तहत "एक सप्ताह देश के नाम" नामक एक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जिसमें छत्रपति संभाजीनगर में लगभग 300 प्रतिभागियों को गहन प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस कार्यक्रम के बाद, निरंतर भागीदारी के लिए अनुभव साझाकरण सत्र और व्यक्तित्व विकास शिविरों का भी आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अशोक बरनवाल और सेवनकुर भारत परियोजना के अधिकारी भी उपस्थित थे।

डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर मेडिकल इंस्टीट्यूट की स्थापना वर्ष 1989 में समाज के प्रति समर्पित चिकित्सकों द्वारा की गई थी। पिछले तीन दशकों में, इस संस्था ने 70 लाख से अधिक वंचित और जरूरतमंद मरीजों को सुलभ, गुणवत्तापूर्ण और करुणापूर्ण चिकित्सा सेवाएं प्रदान की हैं। संस्था का केंद्रबिंदु डॉ. हेडगेवार अस्पताल, छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) सेवा, सरलता और पेशेवर उत्कृष्टता के साथ हमारे लोगों को सर्वोत्तम स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। वर्तमान में, फाउंडेशन देश भर में 46 एकीकृत परियोजनाएं चला रहा है, जिनमें संभाजीनगर, नासिक और शिवसागर (असम) में बहु-विशेषज्ञता अस्पताल, चिकित्सा, नर्सिंग और फिजियोथेरेपी महाविद्यालय, एशिया का अग्रणी अत्याधुनिक रक्त बैंक शामिल हैं; और इसमें झुग्गी-झोपड़ी और ग्रामीण स्वास्थ्य परियोजनाएं भी शामिल हैं। हृदय शल्य चिकित्सा, आईवीएफ, नवजात शिशु देखभाल, एमआरआई और कैथ लैब जैसी उन्नत सुविधाओं के साथ-साथ, संस्थान महिला एवं बाल विकास, टीकाकरण अभियान और जन स्वास्थ्य जागरूकता जैसे सामाजिक कार्यक्रमों में भी सक्रिय है।

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