04/02/26

मलाई गांव में मातृ स्वास्थ्य जागरूकता शिविर: सुरक्षित मातृत्व और सरकारी योजनाओं की दी गई जानकारी

जे कुमार हथीन (पलवल), 04 फरवरी 2026: ग्रामीण क्षेत्रों में मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से हथीन ब्लॉक के उटावड़ पीएचसी के अंतर्गत आने वाले गांव मलाई में एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया। सोशल एंड बिहेवियर चेंज कम्युनिकेशन (SBCC) के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग की आउटरीच टीम ने गांव की महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों और उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में विस्तार से जागरूक किया।

बैठक के दौरान विशेषज्ञों ने महिलाओं को गर्भावस्था के प्रारंभिक पंजीकरण और नियमित एएनसी (ANC) जांच की महत्ता समझाई। आउटरीच टीम ने अल्ट्रासाउंड जांच के महत्व, पोषण, आयरन और फोलिक एसिड जैसे सप्लीमेंट्स के सही उपयोग के साथ-साथ गर्भावस्था के दौरान दिखने वाले खतरे के लक्षणों की पहचान करने के बारे में भी महत्वपूर्ण संदेश साझा किए। इसके अलावा, भ्रूण की गतिविधियों की निगरानी और सुरक्षित प्रसव की पूर्व तैयारी पर भी विशेष चर्चा की गई।

उटावड़ के चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल ने महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करते हुए स्पष्ट किया कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में प्रसव सेवाएं पूरी तरह नि:शुल्क हैं। उन्होंने दो बच्चों के बीच कम से कम 2 से 3 वर्ष का अंतर बनाए रखने और उच्च जोखिम गर्भावस्था (High Risk Pregnancy) की स्थिति में समय पर एंबुलेंस सेवाओं का लाभ उठाने की सलाह दी। ग्राम सरपंच साजिद ने सोसाइटी फॉर एप्लाइड स्टडीज और स्वास्थ्य विभाग की इस पहल की सराहना की और भविष्य में भी ऐसे आयोजनों में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। इस अवसर पर कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर डॉ. खलील, एएनएम और आशा कार्यकर्ता सहित कई फ्रंटलाइन स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे।

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