पंचकूला में IPO ट्रेडिंग के नाम पर ₹1.37 करोड़ की महा-ठगी: साइबर थाना पुलिस ने दबोचा 11वां आरोपी; बैंक खाता और सिम बेचने वाला गिरोह सक्रिय
पंचकूला, 29 मई, (अन्नू): शेयर बाजार और आईपीओ (IPO) में निवेश के नाम पर मासूम लोगों को जाल में फंसाकर करोड़ों रुपये हड़पने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह के खिलाफ पंचकूला पुलिस ने अपनी बड़ी कार्रवाई जारी रखी है। जिला पुलिस के साइबर क्राइम थाना की टीम ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए इस ₹1.37 करोड़ के हाई-प्रोफाइल साइबर घोटाले में शामिल 11वें आरोपी आशीष कुमार को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस जांच में मुख्य खुलासा हुआ है कि पकड़े गए आरोपी के बैंक खाते में धोखाधड़ी की ₹2 लाख की डायरेक्ट रकम ट्रांसफर हुई थी।
इंस्टाग्राम और वॉट्सऐप पर हाई-रिटर्न का लालच देकर फंसाया
साइबर थाना पुलिस के अनुसार, इस पूरे फर्जीवाड़े का खेल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए शुरू हुआ था। जालसाजों ने पीड़ित को इंस्टाग्राम (Instagram) और वॉट्सऐप (WhatsApp) ग्रुप्स के माध्यम से आईपीओ और स्टॉक ट्रेडिंग में निवेश कर कुछ ही दिनों में दोगुना मुनाफा (हाई-रिटर्न) कमाने का झांसा दिया था। आरोपियों के बुने जाल में फंसकर पीड़ित व्यक्ति ने भरोसा करते हुए उनके द्वारा बताए गए अलग-अलग फर्जी और डमी बैंक खातों में कुल 1 करोड़ 37 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए थे। पैसे ऐंठने के बाद जब आरोपियों ने बात करना बंद कर दिया, तब साइबर थाने में मुकदमा दर्ज करवाया गया था।
बैंक खाते, सिम कार्ड और किट खरीदकर करते थे देशव्यापी फ्रॉड
मामले की गहराई से तफ्तीश कर रही साइबर सेल और थाना टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर इस सिंडिकेट की कड़ियों को आपस में जोड़ा। अब तक की जांच में यह बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि यह पूरा गिरोह बेहद संगठित तरीके से काम करता है:
खातों और सिम की खरीद-फरोख्त: गिरोह के मुख्य सरगना गरीब और सीधे-साधे लोगों को चंद पैसों का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाते हैं और उनकी पासबुक, चेकबुक व एटीएम (ATM) युक्त पूरी किट खरीद लेते हैं।
फर्जी सिम का जाल: ठगी की वारदातों को अंजाम देने और पुलिस से बचने के लिए फर्जी आईडी पर एक्टिवेट किए गए सिम कार्ड्स का इस्तेमाल किया जाता था।
11 गिरफ्तारियां: पुलिस इस रैकेट की जड़ों तक पहुंचते हुए अब तक कुल 11 शातिर आरोपियों को देश के अलग-अलग हिस्सों से दबोच चुकी है।
3 दिन के पुलिस रिमांड पर आरोपी, मुख्य सरगनाओं की तलाश जारी
पुलिस ने 11वें आरोपी आशीष कुमार को गिरफ्तार कर माननीय अदालत के सम्मुख पेश किया, जहां से पुलिस टीम को आरोपी का 3 दिन का पुलिस रिमांड हासिल हुआ है। रिमांड अवधि के दौरान साइबर पुलिस आरोपी से कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने इस गिरोह को और कितने बैंक खाते मुहैया करवाए थे और इस सिंडिकेट के मुख्य मास्टरमाइंड और हैंडलर कहां छिपे हुए हैं।
अनजान ऐप्स और निवेश के लुभावने ऑफरों से बचें: पंचकूला पुलिस
"सोशल मीडिया, टेलीग्राम या अनजान मोबाइल ऐप्स पर मिलने वाले 'घर बैठे कमाई' और 'आईपीओ अलॉटमेंट' के हाई-रिटर्न वाले लुभावने विज्ञापनों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। किसी भी अनजान खाते में पैसे ट्रांसफर करने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांच लें।" — साइबर क्राइम थाना, पंचकूला
पंचकूला पुलिस ने आमजन से भावुक अपील करते हुए कहा है कि यदि कोई भी व्यक्ति किसी भी प्रकार की ऑनलाइन या डिजिटल साइबर ठगी का शिकार होता है, तो वह बिना समय गंवाए (गोल्डन ऑवर के भीतर) तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर '1930' पर कॉल करे या फिर अधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज करवाए, ताकि समय रहते ठगी गई रकम को होल्ड/फ्रीज करवाया जा सके।
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