श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित शहीदी यात्रा आज बादशाही बाग से नन्यौला के लिए रवाना
जे कुमार, अम्बाला 20 नवम्बर :- श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस की वर्षगांठ को समर्पित एक भव्य शहीदी यात्रा/नगर कीर्तन का आयोजन आज अंबाला जिले में पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ किया गया। यह यात्रा सुबह बादशाही बाग गुरुद्वारा से आरंभ हुई, जहाँ बड़ी संख्या में संगत ने मत्था टेका और गुरु साहिब का आशीर्वाद प्राप्त किया।
इस नगर कीर्तन का उद्देश्य 'हिंद की चादर' के नाम से विख्यात गुरु तेग बहादुर जी के सर्वोच्च बलिदान और मानवता के लिए उनके दिए गए संदेशों को जन-जन तक पहुंचाना है। गुरु ग्रंथ साहिब जी को पालकी साहिब में सुशोभित करके, पंज प्यारों के नेतृत्व में, यह यात्रा अंबाला के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के विभिन्न गांवों और कस्बों की ओर बढ़ी।
भक्ति और सेवा का वातावरण : - यात्रा के दौरान पूरे मार्ग में भक्तिमय और सेवाभाव का वातावरण बना रहा। जगह-जगह धार्मिक संस्थाओं, सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों द्वारा लंगर, जल और अन्य सेवा की व्यवस्था की गई। संगत जयकारे लगाते हुए, बैंड बाजों और गतका (सिख मार्शल आर्ट) समूहों के साथ चल रही थी, जिससे यह आयोजन और भी भव्य बन गया।
यात्रा का रूट आज बादशाही बाग से शुरू होकर मानव चौक से होते हुए दुर्गानगर, नसीरपुर, धुरकड़ा, बलाना, भड़ी, अहमा, कुर्बानपुर, इस्माईलपुर, मलौर, भुडंगपुर, दौदपुर, नकटपुर मोड़, पंजौला और खुर्चनपुर-लौंटो जैसे गांवों से होकर गुजरा।
आज रात्रि नन्यौला में विश्राम :- यह शहीदी यात्रा आज शाम को नन्यौला गाँव पहुँचेगी, जहाँ इसका रात्रि ठहराव होगा। नन्यौला में रात्रि विश्राम के दौरान विशेष धार्मिक दीवान और कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसमें संगत गुरु की बाणी का श्रवण करेगी। इस यात्रा ने समूचे क्षेत्र को गुरु तेग बहादुर जी के त्याग और मानवता के प्रति उनके समर्पण के प्रति श्रद्धा से भर दिया है।
#ambala #News #350th-martyrdom-day