30/05/26

जींद POCSO कोर्ट का बड़ा फैसला: नाबालिग से दुष्कर्म और धमकी देने वाले दोषी को 20 साल की कैद, ₹70,000 जुर्माना

जींद, 30 मई, (अन्‍नू): महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों पर जींद पुलिस की मजबूत पैरवी और ठोस वैज्ञानिक साक्ष्यों के दम पर अदालत ने एक और कड़ा और ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। माननीय अतिरिक्त एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (POCSO), जींद की श्रीमती सिफा की अदालत ने एक नाबालिग लड़की को घर से बहला-फुसलाकर ले जाने, उसके साथ दुष्कर्म (रेप) करने और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी देने के मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास (कठिन कारावास) की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने दोषी पर कुल 70 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न भरने की स्थिति में दोषी को अतिरिक्त जेल काटनी होगी।

26 जनवरी 2025 को थाना शहर नरवाना में दर्ज हुआ था केस

जींद पुलिस प्रवक्ता ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पीड़ित परिवार की शिकायत पर दिनांक 26 जनवरी 2025 को थाना शहर नरवाना में एक मुकदमा दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया था कि उसकी नाबालिग भतीजी को हरी नगर, नरवाना का रहने वाला वकील पुत्र (आरोपी का नाम) घर से बहला-फुसलाकर भगा ले गया था।

आरोपी ने नाबालिग को बंधक बनाकर उसके साथ दुष्कर्म जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दिया और बाद में किसी को भी इस बारे में बताने पर पीड़िता के पूरे परिवार को जान से मारने की सीधी धमकी भी दी। पुलिस ने शिकायत मिलते ही तुरंत तत्परता दिखाते हुए विभिन्न गंभीर कानूनी धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की थी।

पुख्ता चार्जशीट और पोक्सो एक्ट के तहत इन धाराओं में मिली सजा

थाना शहर नरवाना की जांच टीम ने पीड़िता को सकुशल दस्तयाब कर उसका मेडिकल करवाया और आरोपी वकील के खिलाफ बेहद कम समय में पुख्ता वैज्ञानिक व तकनीकी साक्ष्य जुटाकर माननीय अदालत में चालान (चार्जशीट) पेश किया।

अदालत में स्पेशल पीपी (पोक्सो केस) श्री योगेन्द्र राठी द्वारा रखी गई अचूक दलीलों और गवाहों के बयानों के आधार पर, कोर्ट ने 29 मई 2026 को आरोपी वकील को दोषी ठहराते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पोक्सो एक्ट की निम्नलिखित धाराओं के तहत अलग-अलग सजाएं सुनाईं जो एक साथ चलेंगी:

  • POCSO एक्ट की धारा 4(2): 20 वर्ष का कठोर कारावास और ₹50,000 जुर्माना।

  • BNS की धारा 137(2) (अपहरण): 3 वर्ष का कठोर कारावास और ₹5,000 जुर्माना।

  • BNS की धारा 87: 7 वर्ष का कठोर कारावास और ₹10,000 जुर्माना।

  • BNS की धारा 127(2) (अवैध रूप से बंधक बनाना): 6 महीने का कठोर कारावास।

  • BNS की धारा 351(2) (आपराधिक धमकी): 2 वर्ष का कठोर कारावास और ₹5,000 जुर्माना।

बच्चों की सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने की अपील

जींद पुलिस ने इस सख्त फैसले के बाद आमजन और विशेषकर अभिभावकों से एक महत्वपूर्ण अपील साझा की है। पुलिस ने कहा है कि वे अपने बच्चों की सुरक्षा, उनके व्यवहार और उनकी संगति के प्रति हमेशा सतर्क व जागरूक रहें। यदि आसपास किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या किसी असामाजिक तत्व द्वारा बच्चों को परेशान करने की बात सामने आती है, तो बिना डरे तुरंत नजदीकी पुलिस थाने या महिला हेल्पलाइन नंबर पर सूचना दें, ताकि समय रहते अपराधियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।

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