दिल्ली में हीटवेव से बच्चों को बचाने के लिए बड़ी पहल: शालीमार बाग के स्कूल में 'हीट स्मार्ट स्कूल' पायलट प्रोजेक्ट का हाई-लेवल दौरा
नई दिल्ली, 16 जुलाई (अन्नू): दिल्ली में भीषण गर्मी और लू (हीटवेव) के प्रकोप से स्कूली बच्चों को सुरक्षित रखने के मकसद से बुधवार को शालीमार बाग के बीटी (BT) ब्लॉक स्थित सर्वोदय बाल विद्यालय में 'हीट स्मार्ट स्कूल' पायलट प्रोजेक्ट का एक हाई-लेवल दौरा किया गया। सीएमओ (CMO) से जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इस विशेष दौरे का आयोजन संयुक्त रूप से जिला प्रशासन (सेंट्रल-नॉर्थ जिला), नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDMA) और जीआईजेड (GIZ) इंडिया द्वारा किया गया था। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने स्कूल में लागू किए गए उन व्यावहारिक उपायों का जायजा लिया, जिन्हें बड़े पैमाने पर अन्य स्कूलों में भी आसानी से अपनाया जा सकता है।
सीएम रेखा गुप्ता बोलीं- बच्चों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 'हीट स्मार्ट स्कूल' पायलट प्रोजेक्ट से जुड़े सभी विभागों और सहयोगी संस्थाओं को इस अनूठी पहल के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि बदलते मौसम और पर्यावरण की चुनौतियों को देखते हुए इस तरह के कदम समय की बड़ी जरूरत हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि इस मॉडल को जल्द ही राजधानी के अन्य स्कूलों में भी लागू किया जाएगा, ताकि दिल्ली के बच्चों को सुरक्षित और जलवायु-अनुकूल माहौल में पढ़ाई करने का अवसर मिल सके।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल रहे देश-विदेश के कई वरिष्ठ अधिकारी
इस हाई-लेवल दौरे में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए, जिनमें प्रमुख रूप से:
कृष्णा एस. वत्सा (सदस्य सचिव और विभागाध्यक्ष, NDMA)
शैलेंद्र सिंह परिहार (सेंट्रल-नॉर्थ जिला मजिस्ट्रेट)
जोहान्स श्नाइडर (दूसरे सचिव, आर्थिक सहयोग और विकास विभाग, जर्मनी दूतावास)
रचना अरोड़ा (डायरेक्टर, GIZ इंडिया)
मेघना क्षीरसागर (प्रोजेक्ट मैनेजर, GIZ इंडिया)
संतोष श्रीकांत पट्टार (कंट्री डायरेक्टर, ADRA इंडिया)
विक्रम यादव (प्रिंसिपल, सर्वोदय बाल विद्यालय, शालीमार बाग) सहित दिल्ली सरकार और अन्य सहयोगी संगठनों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
क्या हैं स्कूल में किए गए 'हीट स्मार्ट' इंतजाम?
दौरे के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने स्कूल परिसर का बारीकी से निरीक्षण किया। भीषण गर्मी से बच्चों को बचाने के लिए स्कूल में कई तरह के जमीनी बदलाव किए गए हैं:
कूल रूफ तकनीक: स्कूल की छतों को ठंडा रखने के लिए विशेष कोटिंग (कूल रूफ) की गई है।
छायादार कॉरिडोर और वेटिंग एरिया: धूप से बचाने के लिए गलियारों और प्रतीक्षा क्षेत्रों में छांव का पुख्ता प्रबंध किया गया है।
पेयजल सुविधाएं: बच्चों के लिए पीने के ठंडे और साफ पानी की बेहतर व्यवस्था की गई है।
जागरूकता अभियान: गर्मी और लू से बचाव की जानकारी देने वाले डिस्प्ले बोर्ड लगाए गए हैं। साथ ही छात्रों के नेतृत्व में जागरूकता अभियान और खेल-खेल में सीखने वाली शैक्षिक गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।
'दिल्ली हीट एक्शन प्लान' का व्यावहारिक विस्तार
जिला मजिस्ट्रेट शैलेंद्र सिंह परिहार ने बताया कि यह पहल मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में लागू किए जा रहे 'दिल्ली हीट एक्शन प्लान' का ही एक व्यावहारिक हिस्सा है। यह नीति को सीधे स्कूल स्तर पर लागू करके बच्चों को सुरक्षा प्रदान करती है।
वहीं, एनडीएमए (NDMA) के सदस्य सचिव कृष्णा एस. वत्सा ने कहा कि आज हीटवेव देश के सामने जलवायु से जुड़े सबसे बड़े खतरों में से एक है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह मॉडल बेहद सरल, सस्ता और आसानी से दोहराने योग्य होना चाहिए ताकि देश भर के अन्य सरकारी और निजी स्कूल भी इसे अपनाकर अपने बच्चों को सुरक्षित रख सकें।
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