20/03/26

पंजाब में बड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क का भंडाफोड़: फर्जी फर्मों के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग करने वाले 3 शातिर गिरफ्तार

पंजाब, 20 मार्च (अन्‍नू): पंजाब पुलिस की स्टेट साइबर क्राइम सेल ने ऑनलाइन ठगी और अवैध धन के लेन-देन (मनी लॉन्ड्रिंग) में शामिल एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन मुख्य आरोपियों को दबोच लिया है। यह गिरोह पिछले दो वर्षों से सक्रिय था और डिजिटल धोखाधड़ी से कमाई गई काली कमाई को ठिकाने लगाने का काम कर रहा था। पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि ये आरोपी फर्जी दस्तावेजों का सहारा लेकर विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाते थे और कागजों पर नकली कंपनियां (शेल फर्म्स) चलाकर ठगी की रकम को इधर-उधर घुमाते थे।



इस गिरोह की कार्यप्रणाली बेहद शातिर थी। आरोपी सबसे पहले जाली पहचान पत्रों के माध्यम से बैंक अकाउंट्स खुलवाते थे और फिर ऑनलाइन ठगी के शिकार हुए लोगों का पैसा इन खातों में मंगवाते थे। पुलिस को गुमराह करने के लिए ये लोग उस राशि को एक खाते से दूसरे खाते में कई बार ट्रांसफर करते थे ताकि पैसे का मुख्य स्रोत छिपाया जा सके। इस पूरी प्रक्रिया के बदले में आरोपी मोटा कमीशन वसूलते थे। जांच में सामने आया है कि इस नेटवर्क का जाल काफी फैला हुआ था और वे संगठित तरीके से साइबर अपराधियों को बैंकिंग सहायता प्रदान कर रहे थे।


पुलिस ने इस सफल ऑपरेशन के दौरान भारी मात्रा में डिजिटल साक्ष्य और नकदी बरामद की है। कार्रवाई के तहत विभिन्न बैंक खातों में जमा ₹20 लाख की राशि को तुरंत फ्रीज कर दिया गया है। इसके अलावा, आरोपियों के कब्जे से 5100 USDT (क्रिप्टो करेंसी), 23 एटीएम कार्ड, 2 लैपटॉप, 7 मोबाइल फोन और 5 एक्टिव सिम कार्ड जब्त किए गए हैं। पुलिस को तलाशी के दौरान भारी मात्रा में फर्जी केवाईसी दस्तावेज, 14 चेक बुक और विभिन्न फर्जी कंपनियों की रबर स्टैंप भी मिली हैं, जिनका इस्तेमाल बैंक खाते संचालित करने के लिए किया जाता था।



फिलहाल, साइबर क्राइम टीम पकड़े गए आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य मास्टरमाइंड्स और उन साइबर ठगों का पता लगाया जा सके, जिनके लिए ये आरोपी काम कर रहे थे। पुलिस का मानना है कि इन गिरफ्तारियों से ऑनलाइन धोखाधड़ी के कई बड़े मामलों के सुराग मिल सकते हैं। विभाग ने आम जनता को भी सचेत किया है कि वे अपने बैंक विवरण या केवाईसी दस्तावेज किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें, क्योंकि इनका इस्तेमाल ऐसे अवैध कार्यों के लिए किया जा सकता है।


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