23/07/26

गुरुग्राम के सोहना में कस्टोडियल वायलेंस का बड़ा मामला: हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने लिया स्वत: संज्ञान; IGP रैंक से जांच कराने के निर्देश

अभिकान्त, 23 जुलाई, सोहना/गुरुग्राम: गुरुग्राम के सोहना में पुलिस हिरासत (Police Custody) के दौरान एक आरोपी के साथ कथित तौर पर बेरहमी से मारपीट करने, उसकी आंखों पर पट्टी बांधकर टांग तोड़ने और यातना देने के बेहद गंभीर आरोपों पर हरियाणा मानवाधिकार आयोग (HHRC) ने कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने इस पूरे मामले पर स्वत: संज्ञान (Suo Motu) लेते हुए हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (DGP) को कड़े निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि इस मामले की जांच इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (IGP) रैंक से कम के अधिकारी से न कराई जाए और अगली सुनवाई से एक सप्ताह पहले पूरे घटनाक्रम की तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।

मानवाधिकार आयोग के चेयरपर्सन जस्टिस ललित बत्रा ने इस मामले की सुनवाई के दौरान बेहद सख्त टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि यदि न्यायिक आदेश में दर्ज आरोप एक स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच में सही पाए जाते हैं, तो यह कस्टोडियल वायलेंस (हिरासत में हिंसा), सत्ता के सरासर दुरुपयोग और कानून के शासन (Rule of Law) पर गंभीर हमले के समान माना जाएगा। जस्टिस ललित बत्रा ने साफ शब्दों में रेखांकित किया कि पुलिस हिरासत केवल कानूनी पूछताछ का एक माध्यम हो सकती है, लेकिन यह पुलिस प्रशासन को किसी भी नागरिक के साथ यातना, क्रूरता या अमानवीय व्यवहार करने का लाइसेंस बिल्कुल नहीं देती।

आयोग ने 30 जून 2026 को सोहना के न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (JMFC) द्वारा पारित आदेश के आधार पर यह स्वतः संज्ञान लिया है। अदालत के समक्ष पुलिस ने दावा किया था कि आरोपी सामान बरामदगी के दौरान भागने की कोशिश कर रहा था और फ्लाईओवर से नीचे गिर गया, जिससे उसके पैर में चोट आई और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया।

हालांकि, कोर्ट में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के दौरान पेश हुए आरोपी ने पुलिस की इस कहानी को पूरी तरह झूठा करार दिया। उसने आरोप लगाया कि वह किसी फ्लाईओवर से नहीं गिरा, बल्कि सीआईए (CIA) पुलिसकर्मियों ने हिरासत के दौरान जानबूझकर उसकी बाईं टांग तोड़ दी है। उसने अदालत के सामने अपनी जान को भी गंभीर खतरा जताया।

आरोपों की अप्रत्याशित गंभीरता को देखते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट ने कोर्ट का समय समाप्त होने के बाद खुद सिविल अस्पताल, गुरुग्राम पहुंचकर पुलिस अधिकारियों की गैर-मौजूदगी में आरोपी के बयान दर्ज किए। आरोपी ने मजिस्ट्रेट के सामने जो खुलासा किया, वह बेहद चौंकाने वाला था:

  • पर्ची चुनने का खौफनाक खेल: आरोपी के अनुसार, 29 जून की शाम को उसे सीआईए थाना सोहना परिसर के खुले क्षेत्र में ले जाया गया। वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उसके सामने चार पर्चियां रखीं और उनमें से एक चुनने को कहा। इन पर्चियों पर "डेथ" (Death), "फ्रैक्चर" (Fracture), "बुलेट इंजरी" (Bullet Injury) और "रिवॉर्ड मनी" (Reward Money) लिखा हुआ था।

  • दो ईंटों के बीच पैर रखकर वार: आरोपी ने बताया कि उसके द्वारा उठाई गई पर्ची में "LL Fracture" (लेफ्ट लेग फ्रैक्चर) लिखा आया। इसके तुरंत बाद उसकी आंखों पर पट्टी बांधी गई और पैर को दो ईंटों के बीच रखकर किसी भारी वस्तु से हमला किया गया, जिससे उसकी टांग टूट गई।

  • झूठी कहानी बनाने का दबाव: आरोपी का आरोप है कि टांग तोड़ने के बाद उसे अस्पताल ले जाया गया और डॉक्टरों व मजिस्ट्रेट के सामने 'फ्लाईओवर से गिरने' का बयान देने के लिए धमकाया गया। सच बताने पर उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई थी।

हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने अपने कड़े रुख में स्पष्ट किया कि केवल किसी व्यक्ति पर किसी अपराध का आरोपी होने मात्र से उसके मौलिक व संवैधानिक अधिकार खत्म नहीं हो जाते। देश का हर नागरिक भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, 20(3), 21 और 22 के तहत जीवन, मानवीय गरिमा और निष्पक्ष कानूनी प्रक्रिया का अधिकार रखता है।

आयोग ने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार घोषणापत्र (UDHR), ICCPR और नेल्सन मंडेला नियमों का हवाला देने के साथ-साथ सुप्रीम कोर्ट के लैंडमार्क फैसलों—डी.के. बसु (D.K. Basu), नीलाबती बेहरा, जोगिंदर कुमार और परमवीर सिंह सैनी मामलों का विशेष रूप से उल्लेख किया। आयोग ने याद दिलाया कि पुलिस थानों में सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की स्थापना, उनका संरक्षण और पारदर्शिता बनाए रखना पुलिस प्रशासन की संवैधानिक जवाबदेही है।

#HHRCHaryana #GurugramNews #CustodialViolence #SohnaNews #GurugramPolice #HumanRights #HaryanaNews #JusticeLalitBatra #PoliceAccountability #LegalUpdateHaryana #danikKhabar

Previous

चंडीगढ़ में "खेल का उपहार, नशे पर प्रहार" अभियान की शुरुआत: राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने राजभवन से किया शुभारंभ

Next

राज्यपाल ने आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय ज्ञान परंपरा के समावेश का आह्वान किया : हिमाचल प्रदेश