महाराष्ट्र: 1 मई से रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी अनिवार्य; ठाणे में परिवहन विभाग ने कसी कमर
जे कुमार ठाणे, 15 अप्रैल 2026: महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के सभी लाइसेंस प्राप्त ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए 1 मई (महाराष्ट्र दिवस) से मराठी भाषा का ज्ञान होना अनिवार्य कर दिया है। राज्य के कैबिनेट मंत्री प्रताप सरनाईक ने इस निर्णय की घोषणा करते हुए स्पष्ट किया कि जिन चालकों को मराठी भाषा का बुनियादी ज्ञान (पढ़ना, लिखना और बोलना) नहीं होगा, उनके लाइसेंस और परमिट रद्द किए जा सकते हैं।
ठाणे और मुंबई क्षेत्र में विशेष अभियान: ठाणे और मीरा-भयंदर क्षेत्र में इस नियम को लेकर परिवहन विभाग ने विशेष सक्रियता दिखाई है। मंत्री सरनाईक के अनुसार, राज्य के सभी 59 क्षेत्रीय और उप-क्षेत्रीय परिवहन कार्यालयों (RTO) के माध्यम से एक व्यापक सत्यापन अभियान चलाया जाएगा। विशेष रूप से ठाणे और मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) से लगातार मिल रही शिकायतों के बाद यह कदम उठाया गया है, जहाँ यात्रियों ने चालकों द्वारा स्थानीय भाषा में संवाद न कर पाने या न करने की समस्या उठाई थी।
यूनियनों का विरोध और सरकार का रुख: जहाँ सरकार इसे यात्रियों की सुविधा और क्षेत्रीय भाषा के सम्मान से जोड़कर देख रही है, वहीं कई चालक यूनियनों ने इस फैसले का विरोध शुरू कर दिया है। यूनियनों का तर्क है कि इससे हजारों गैर-मराठी भाषी चालकों की आजीविका पर संकट आ सकता है। हालांकि, सरकार का कहना है कि यह नियम नया नहीं है बल्कि मौजूदा नियमों को अब सख्ती से लागू किया जा रहा है। अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे बिना भाषाई जांच के लाइसेंस जारी न करें, अन्यथा उनके खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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