10/04/26

घर बैठे कमाई के चक्कर में गँवाए ₹74 लाख; दिल्ली पुलिस ने इनवेस्टमेंट फ्रॉड के दो मास्टरमाइंड को दबोचा, विदेशी हैंडलर्स से जुड़े थे तार

नई दिल्ली, 10 अप्रैल (अन्‍नू): राजधानी में संगठित साइबर अपराध के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए ऐसे शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जो निवेश के नाम पर मासूम लोगों से लाखों रुपये की ठगी कर रहे थे। इन मामलों में कुल 74 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी को अंजाम दिया गया था। जांच में खुलासा हुआ है कि इस गिरह के तार विदेशों से जुड़े हैं और इसमें क्रिप्टोकरेंसी के जरिए पैसों का लेनदेन किया जा रहा था।


निवेश के नाम पर बिछाया गया था मायाजाल


पहले मामले में दिल्ली पुलिस की वेस्ट जिला साइबर सेल ने राहुल त्यागी नाम के एक शातिर जालसाज को ग्रेटर नोएडा से गिरफ्तार किया है। राहुल पर एक व्यक्ति से करीब 27.82 लाख रुपये की ठगी करने का आरोप है। शिकायतकर्ता को वॉट्सऐप ग्रुप के जरिए स्टॉक ट्रेडिंग, आईपीओ और ओटीसी ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का लालच दिया गया था। इस झांसे में आकर पीड़ित ने बड़ी रकम ट्रांसफर कर दी, जो बाद में फर्जीवाड़े की भेंट चढ़ गई। पुलिस टीम ने तकनीकी सबूतों और बैंक खातों की कड़ियों को जोड़ते हुए आरोपी के घर तक पहुंचने में सफलता हासिल की।



चीनी हैंडलर्स और क्रिप्टोकरेंसी का कनेक्शन


पूछताछ के दौरान आरोपी राहुल त्यागी ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने बताया कि वह टेलीग्राम के माध्यम से विदेशी (विशेषकर चीन स्थित) हैंडलर्स के संपर्क में था। यह गिरोह सिम कार्ड्स को एपीके और मैसेज फॉरवर्डिंग ऐप के जरिए रिमोटली एक्सेस करता था। आरोपी ने अब तक करीब 10-12 बैंक खाते इन चीनी हैंडलर्स के लिए ऑपरेट किए थे। हैरानी की बात यह है कि उसे इस काम के बदले शुरुआत में 'बिनेंस' के जरिए 'यूएसडीटी' (क्रिप्टोकरेंसी) में भुगतान मिलता था, जिसे बाद में कैश में बदला जाता था। राहुल इस काले खेल से करीब 15 लाख रुपये कमा चुका है और पहले भी मुंबई पुलिस द्वारा 2.5 करोड़ की डिजिटल अरेस्ट ठगी में पकड़ा जा चुका है।


47 लाख की ठगी में 'म्यूल अकाउंट' का खेल


दूसरे मामले में साउथ ईस्ट दिल्ली की साइबर सेल ने रिंकू नाम के व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। रिंकू पर मोहम्मद वकार आजम नाम के व्यक्ति के साथ 47 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है। जांच में पाया गया कि रिंकू ने अपनी फर्म का करंट अकाउंट और उससे जुड़ा सिम कार्ड दूसरे अपराधियों को सौंप दिया था। इस खाते में ठगी के 31.45 लाख रुपये सीधे जमा हुए थे। पैसों को ठिकाने लगाने के लिए आरोपी ने आगरा के एक होटल में रुककर पूरी प्रक्रिया को अंजाम दिया। पुलिस ने इस मामले में एक मोबाइल फोन बरामद किया है और बैंक खातों में कुछ राशि को फ्रीज (Lien) भी करवाया है।


पुलिस की सतर्क रहने की अपील


दिल्ली पुलिस के डीसीपी (क्राइम ब्रांच) आदित्य गौतम ने इस सफलता के बाद नागरिकों को सावधान किया है। पुलिस ने सलाह दी है कि वॉट्सऐप, टेलीग्राम या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आने वाले अनजान निवेश के प्रस्तावों से दूर रहें। अगर कोई भी व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है, तो वह तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करे या नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराए। आपकी सतर्कता ही इन साइबर अपराधियों के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार है।


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