29/07/26

रेवाड़ी: वकीलों की हड़ताल का 10वां दिन; एसडीएम तबादले की मांग पर अड़े अधिवक्ता, एसडीएम बोले- 'मुझे बेवजह किया जा रहा बदनाम'

रेवाड़ी, 29 जुलाई (अन्‍नू): रेवाड़ी में उपमंडल अधिकारी (SDM) सुरेश कुमार के तबादले की मांग को लेकर अधिवक्ताओं (वकीलों) का आंदोलन लगातार गहराता जा रहा है। बुधवार को जिला बार एसोसिएशन की हड़ताल का 10वां दिन रहा। वकीलों के समर्थन में डहीना, मनेठी व पाल्हावास तहसीलों के साथ-साथ स्टांप वेंडर, डीड राइटर और टाइपिस्टों ने भी कामकाज पूरी तरह ठप रखा, जिससे रजिस्ट्री सहित सभी अदालती काम ठप पड़े हैं।

एसडीएम सुरेश कुमार का पक्ष: "मुझसे कोई विवाद नहीं, फैसलों के लिए उच्च अदालतें मौजूद"

विवाद के बीच एसडीएम सुरेश कुमार ने 'दैनिक भास्कर' से बातचीत करते हुए अपनी सफाई दी:

  • गलत फैसलों पर अपील का अधिकार: एसडीएम ने कहा, "वकीलों से मेरा कोई सीधा विवाद नहीं है और मुझे बेवजह निशाना बनाया जा रहा है। ट्रांसफर सर्विस का हिस्सा है। अगर मेरे किसी फैसले से कोई असहमत है, तो उसे डीसी, कमिश्नर, एफसीआर या हाईकोर्ट में चुनौती देने का कानूनी प्रावधान है।"

  • बातचीत से पीछे हटे वकील: उन्होंने दावा किया कि विवाद सुलझाने के लिए 3 बार बातचीत का प्रयास किया गया। दो बार वकील समय तय करके भी ऑफिस नहीं पहुंचे और तीसरी बार बार में बुलावा भेजकर खुद ही रद्द कर दिया।

बार एसोसिएशन का आरोप: "एसडीएम भ्रष्ट हैं, 48 मामलों में दिए गलत फैसले"

दूसरी ओर, जिला बार एसोसिएशन के प्रधान विश्वामित्र और अधिवक्ता रामपाल शर्मा ने एसडीएम पर गंभीर आरोप लगाए हैं:

  • भ्रष्टाचार और बदसलूकी: बार प्रधान ने आरोप लगाया कि एसडीएम ने राजनीतिक दबाव में 48 से अधिक मामलों में गलत फैसले देकर सरकार को राजस्व का नुकसान पहुंचाया है। बहस के दौरान वकीलों और वरिष्ठ अधिवक्ताओं के साथ अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल किया जाता है।

  • कारण बताओ नोटिस जारी करना: वरिष्ठ अधिवक्ता रामपाल शर्मा ने बताया कि एसडीएम ने उनके साथ अमर्यादित व्यवहार किया और विरोध करने पर बिना बार को सूचित किए सीधे शो-कॉज नोटिस जारी कर दिया।

  • ट्रांसफर से कम कुछ भी मंजूर नहीं: वकीलों ने स्पष्ट किया है कि वे एसडीएम के ट्रांसफर, उनके फैसलों की उच्चस्तरीय समीक्षा और भ्रष्टाचार की जांच से कम किसी भी बात पर राजी नहीं होंगे।

तहसीलों में कामकाज ठप्प, आम जनता परेशान

वकीलों की हड़ताल के कारण दूर-दराज के गांवों से आए फरियादियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है:

  • तहसील कार्य प्रभावित: वकीलों के साथ स्टांप वेंडरों और वसीका नवीसों (डीड राइटर) की हड़ताल से जमीनों की रजिस्ट्री, शपथ पत्र और अन्य राजस्व कार्य ठप हैं।

  • जनप्रतिनिधियों पर सवाल: बार प्रधान ने दुख जताया कि जिले के राजनीतिक प्रतिनिधि और स्थानीय जनप्रतिनिधि इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए कोई पहल नहीं कर रहे हैं।

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