कुरुक्षेत्र पुलिस का 'डबल लॉक': डिजिटल अरेस्ट और साइबर ठगी से बचाएगा 'अभेद्य' ऐप और डबल OTP सुरक्षा कवच
अभिकान्त, 21 मई, कुरुक्षेत्र : ऑनलाइन धोखाधड़ी और 'डिजिटल अरेस्ट' जैसी नई तरह की ठगी से आम जनता, खासकर बुजुर्गों को सुरक्षित रखने के लिए कुरुक्षेत्र पुलिस ने एक बेहद मजबूत सुरक्षा घेरा तैयार किया है। कुरुक्षेत्र के पुलिस अधीक्षक (SP) चन्द्र मोहन ने साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस के इस नए 'डबल लॉक' सिस्टम की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ नागरिकों की डिजिटल सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए 'अभेद्य' ऐप और डबल ओटीपी (OTP) प्रणाली आने वाले समय में एक अचूक सुरक्षा कवच साबित होने जा रही है।
'डिजिटल अरेस्ट' के डर का खेल होगा खत्म
आजकल साइबर ठग पुलिस, सीबीआई, ईडी या कस्टम अधिकारी बनकर सीधे-साधे लोगों को फोन करते हैं और उन्हें 'डिजिटल अरेस्ट' (घर में ही बंधक बनाने) का खौफ दिखाकर उनके बैंक खातों से पैसे उड़ा लेते हैं। इसी डर के माहौल का फायदा उठाकर अपराधी अक्सर पीड़ितों से ओटीपी (One-Time Password) हासिल कर लेते हैं। एसपी चन्द्र मोहन ने भरोसा दिलाया कि पुलिस की इस नई डबल ओटीपी तकनीक के लागू होने के बाद, शातिर ठग चाहकर भी डरा-धमकाकर आपसे ओटीपी साझा नहीं करवा पाएंगे, जिससे बैंक खातों में जमा आपकी गाढ़ी कमाई पूरी तरह सुरक्षित रहेगी।
बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम
पुलिस विभाग का सबसे ज्यादा फोकस समाज के वरिष्ठ नागरिकों (Senior Citizens) पर है, जिन्हें डिजिटल तकनीकों की कम जानकारी होने के कारण साइबर अपराधी आसानी से अपना शिकार बना लेते हैं। 'अभेद्य' ऐप को विशेष रूप से इसी तरह डिजाइन किया गया है कि यह किसी भी संदिग्ध कॉल या एक्टिविटी को पहले ही भांप ले और बुजुर्गों को अलर्ट कर दे। इस ऐप और सुरक्षा प्रणाली के जरिए कुरुक्षेत्र पुलिस बुजुर्गों को एक ऐसा सुरक्षित डिजिटल माहौल देने का प्रयास कर रही है, जहां वे बिना किसी डर के बैंकिंग और सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर सकें।
सतर्कता ही बचाव, याद रखें टोल-फ्री नंबर 1930
कुरुक्षेत्र पुलिस ने आम जनता को संदेश देते हुए कहा है कि साइबर वर्ल्ड में केवल और केवल हमारी सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। किसी भी अनजान नंबर से आई कॉल पर भरोसा न करें और न ही किसी को अपने बैंक या व्यक्तिगत जीवन से जुड़ी जानकारी दें। पुलिस ने विशेष हिदायत दी है कि यदि कोई भी व्यक्ति किसी भी तरह की ऑनलाइन या साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो जाता है, तो वह बिना समय गंवाए तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज कराए, ताकि समय रहते बैंक खातों को फ्रीज कराकर ट्रांजेक्शन को रोका जा सके।
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