नशे के खिलाफ करनाल पुलिस की मुहिम: गांव रुकूंपुर में चलाया डोर-टू-डोर जागरूकता अभियान
करनाल, 21 जून (अन्नू): देश को नशा मुक्त बनाने के राष्ट्रीय संकल्प के तहत जिला पुलिस करनाल द्वारा नशीले पदार्थों के खिलाफ एक बेहद सघन और निरंतर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में "नशा मुक्त भारत अभियान" के अंतर्गत करनाल पुलिस की विशेष नशा मुक्ति टीम ने धरातल पर उतरकर थाना सदर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव रुकूंपुर में एक व्यापक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया।
यह पूरा विशेष अभियान सहायक उप निरीक्षक (ASI) जगमाल सिंह के कुशल नेतृत्व में चलाया गया, जिसमें पुलिस कर्मियों ने केवल भाषणों तक सीमित न रहकर सीधे ग्रामीणों के घर-घर दस्तक दी।
घर-घर जाकर ग्रामीणों से स्थापित किया सीधा संवाद
गांव रुकूंपुर में चलाए गए इस अनूठे डोर-टू-डोर (घर-घर) अभियान के दौरान पुलिस टीम ने ग्रामीणों और उनके परिवार के सदस्यों से सीधा संवाद स्थापित किया।
त्रिकोणीय नुकसान की दी जानकारी: एएसआई जगमाल सिंह और उनकी टीम ने ग्रामीणों को विस्तार से समझाया कि नशा किस प्रकार किसी भी व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से पूरी तरह बर्बाद कर देता है।
पारिवारिक विघटन पर चर्चा: पुलिस अधिकारियों ने बताया कि नशा न केवल उसे करने वाले व्यक्ति के स्वास्थ्य और जीवन को लील जाता है, बल्कि हंसते-खेलते पूरे परिवार को गंभीर आर्थिक संकट और मानसिक प्रताड़ना के दलदल में धकेल देता है, जिससे अंततः पूरा समाज प्रभावित होता है।
युवाओं और बच्चों को दी सकारात्मक जीवन की प्रेरणा
इस जागरूकता मुहिम के दौरान पुलिस टीम का विशेष फोकस गांव के बच्चों, किशोरों और युवाओं पर रहा। टीम ने युवाओं से भावुक अपील करते हुए कहा कि वे किसी भी प्रकार की बुरी संगति या नशे के चंगुल से पूरी तरह दूर रहें। पुलिस कर्मियों ने युवाओं को अपनी असीमित ऊर्जा का सही इस्तेमाल करने की सलाह देते हुए उन्हें अच्छी शिक्षा ग्रहण करने, खेलकूद में अपना दमखम दिखाने और अन्य रचनात्मक व सकारात्मक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया, ताकि वे अपने लिए एक उज्ज्वल और सुरक्षित भविष्य का निर्माण कर सकें।
संदीप गतिविधियों की सूचना दें; 'MANAS' हेल्पलाइन 1933 की दी जानकारी
ग्रामीणों को कानून और सुरक्षा तंत्र के प्रति आश्वस्त करते हुए सहायक उप निरीक्षक जगमाल सिंह ने एक बेहद महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि भारत सरकार और पुलिस प्रशासन नशे के नेटवर्क को तोड़ने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि यदि उन्हें अपने गांव, मोहल्ले या आसपास के किसी भी क्षेत्र में नशा करने, नशा रखने या अवैध रूप से नशा बेचने (ड्रग पेडलिंग) से संबंधित कोई भी संदिग्ध गतिविधि या व्यक्ति दिखाई देता है, तो वे बिना किसी डर के इसकी सूचना तुरंत निम्नलिखित माध्यमों पर दे सकते हैं:
संबंधित थाना (लोकल पुलिस स्टेशन)
केंद्र सरकार की विशेष MANAS हेल्पलाइन नंबर: 1933
हरियाणा पुलिस इमरजेंसी नंबर: डायल 112
पहचान रहेगी 100% गुप्त: एएसआई ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि नशा तस्करों या संदिग्धों की सूचना देने वाले किसी भी सजग नागरिक का नाम, पता या पहचान पुलिस रिकॉर्ड में पूर्णतः गोपनीय (Top Secret) रखी जाएगी और उन्हें किसी भी कानूनी पचड़े में नहीं पड़ना होगा।
सामूहिक प्रयासों से ही उखड़ेगी नशे की जड़ें: करनाल पुलिस
अभियान के अंत में जिला पुलिस करनाल के वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से आमजन और समाज के मौजिज लोगों से एक विशेष अपील की गई। पुलिस ने साफ शब्दों में कहा कि एक नशा मुक्त और स्वस्थ समाज का निर्माण केवल पुलिसिया कार्रवाई से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए सामूहिक सामाजिक प्रयासों और जन-भागीदारी की सख्त जरूरत है। देश की युवा पीढ़ी को इस जानलेवा गिरफ्त से सुरक्षित बाहर निकालने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग, माता-पिता, शिक्षकों और पंचायतों को आगे आकर पुलिस प्रशासन का सहयोग करना चाहिए।
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