23/06/26

करनाल: 'राहगीर योजना' और 'गोल्डन ऑवर' को लेकर जागरूकता कार्यक्रम, सड़क हादसों में जान बचाने वालों को सरकार देगी प्रोत्साहन राशि

करनाल, 23 जून (अन्‍नू): सड़क दुर्घटनाओं में घायल होने वाले लोगों की मदद करने और उन्हें समय रहते डॉक्टरी इलाज मुहैया करवाकर अनमोल जिंदगियां बचाने के उद्देश्य से जिला पुलिस करनाल द्वारा एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में करनाल पुलिस द्वारा आमजन को 'सड़क सुरक्षा' और सरकार की महत्वाकांक्षी 'राहगीर (राहवीर) योजना' के प्रति जागरूक करने के लिए विभिन्न स्थानों पर विशेष जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। यह अभियान मुख्य रूप से जाट धर्मशाला (सेक्टर-12, करनाल) और कर्ण पार्क के नजदीक स्थित रोड़ धर्मशाला में उपस्थित आम नागरिकों को लक्षित कर चलाया गया।

'गोल्डन ऑवर' में मदद करने वाले कहलाएंगे 'नेक मददगार', सरकार देगी इनाम

इस विशेष जागरूकता कार्यक्रम के मुख्य वक्ता, पुलिस स्टेशन हाईवे करनाल के सहायक उप-निरीक्षक (ASI) एवं रोड सेफ्टी कोऑर्डिनेटर अजय कुमार ने उपस्थित लोगों को 'गोल्डन ऑवर' (Golden Hour) और 'राहगीर योजना' के बारे में बेहद विस्तार से जानकारी दी:

  • क्या है गोल्डन ऑवर?: एएसआई अजय कुमार ने बताया कि किसी भी सड़क हादसे के ठीक बाद का जो पहला एक घंटा होता है, उसे चिकित्सा विज्ञान और कानून की भाषा में "गोल्डन ऑवर" कहा जाता है। इस एक घंटे के भीतर यदि गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को बिना वक्त गंवाए अस्पताल पहुंचा दिया जाए, तो उसकी जान बचने की संभावना 90 प्रतिशत तक बढ़ जाती है।

  • मिलेगी प्रोत्साहन राशि और सम्मान: उन्होंने लोगों का डर दूर करते हुए बताया कि कई बार लोग पुलिसिया कार्रवाई या कोर्ट-कचहरी के चक्करों से डरकर घायलों की मदद नहीं करते। इसी सोच को बदलने के लिए सरकार द्वारा 'राहगीर योजना' चलाई जा रही है। इसके तहत सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की निस्वार्थ भाव से सहायता करने वाले और उसे सही समय पर अस्पताल पहुंचाने वाले राहगीरों (Good Samaritans) को सरकार द्वारा न केवल प्रशासनिक रूप से सम्मानित किया जाता है, बल्कि उन्हें प्रोत्साहन राशि देकर प्रोत्साहित भी किया जाता है।

हेलमेट और सीट बेल्ट चालान के लिए नहीं, जिंदगी के लिए है जरूरी

रोड सेफ्टी कोऑर्डिनेटर अजय कुमार ने वहां मौजूद सैकड़ों नागरिकों को संबोधित करते हुए सड़क सुरक्षा के बुनियादी नियमों का कड़ाई से पालन करने का संदेश दिया। उन्होंने विशेष रूप से जोर दिया कि दोपहिया वाहन चलाते समय आईएसआई (ISI) मार्क वाले हेलमेट का और चारपहिया वाहन चलाते समय सीट बेल्ट का प्रयोग अनिवार्य रूप से किया जाना चाहिए। ये नियम ट्रैफिक पुलिस के चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि खुद वाहन चालक की सुरक्षा और उसके परिवार की खुशियों के लिए बनाए गए हैं।

सड़क हादसे को देखकर हिचकिचाएं नहीं, तुरंत बढ़ाएं मदद का हाथ

कार्यक्रम के अंत में करनाल पुलिस ने उपस्थित सभी प्रबुद्ध नागरिकों से भावुक अपील की कि जब भी वे सड़क पर कोई दुर्घटना देखें, तो मूकदर्शक बनने या वीडियो बनाने की बजाय तुरंत घायल व्यक्ति की सहायता के लिए आगे आएं।

नागरिकों से कहा गया कि वे बिना किसी हिचकिचाहट के तुरंत नजदीकी पुलिस, एम्बुलेंस (102/108) या अन्य संबंधित आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को सूचित करें। इस सफल कार्यक्रम के समापन पर वहां मौजूद सभी लोगों ने न केवल स्वयं यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करने का संकल्प लिया, बल्कि अपने मित्रों, परिजनों और समाज के अन्य लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने की शपथ उठाई।

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