कैथल रिश्वतकांड: अटल सेवा केंद्र संचालक विकास ने उगले राज, बोला— "अकेला नहीं खाता था, रिश्वत के पैसों में दूसरे आरोपी की भी थी पार्टनरशिप"
कैथल, 1 जुलाई (अन्नू): कैथल में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) द्वारा मैरिज सर्टिफिकेट (विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र) बनाने के नाम पर ₹20 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए हिंद मार्केट स्थित अटल सेवा केंद्र के संचालक विकास से हुई गहन पूछताछ में कई चौंकाने वाले और अहम खुलासे हुए हैं। विजिलेंस की गिरफ्त में आए आरोपी ने कुबूल किया है कि वह रिश्वत की इस मोटी रकम को अकेले नहीं डकारता था, बल्कि इस अवैध खेल में एक और आरोपी की बराबर की पार्टनरशिप (साझेदारी) थी।
आरोपी विकास के अनुसार, वे दोनों मिलकर सीधे-साधे लोगों को अपने झांसे में लेते थे और उनका काम करवाने के एवज में मोटी रिश्वत ऐंठते थे। बाद में वसूली गई रकम को दोनों आपस में आधा-आधा (50-50) बांट लेते थे। फिलहाल, इस घूसखोरी नेटवर्क का दूसरा मुख्य आरोपी फरार चल रहा है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए एसीबी की टीमें उसके संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं।
फरार साथी का नाम अभी गुप्त, एसीबी का जल्द गिरफ्तारी का दावा
एंटी करप्शन ब्यूरो ने तफ्तीश और गोपनीयता का हवाला देते हुए अभी दूसरे आरोपी के नाम का खुलासा नहीं किया है, लेकिन उसे जल्द से जल्द दबोचने का दावा किया है। एसीबी के अधिकारियों का कहना है कि दूसरे पार्टनर की गिरफ्तारी के बाद ही इस पूरे नेक्सस (गठबंधन) का पर्दाफाश हो सकेगा।
खंगाला जा रहा है रिकॉर्ड: पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन आरोपियों ने अब तक और कितने लाचार लोगों से काम निकलवाने के नाम पर कितनी घूस हड़पी है।
राडार पर अन्य संचालक: जांच टीम इस बात की भी गहनता से तफ्तीश कर रही है कि इन आरोपियों का किन-किन अन्य अटल सेवा केंद्र संचालकों के साथ उठना-बैठना या मेलजोल था। शक है कि इस रैकेट के तार अन्य केंद्रों से भी जुड़े हो सकते हैं, जिससे आने वाले दिनों में कुछ और चेहरे नप सकते हैं।
एसीबी के इंस्पेक्टर सूबे सिंह ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि मुख्य आरोपी विकास को गिरफ्तार कर वैधानिक औपचारिकताओं के बाद जेल भेज दिया गया है। दूसरे फरार आरोपी की धरपकड़ के लिए टीमें दबिश दे रही हैं, जिसे जल्द ही काबू कर लिया जाएगा। उसके बाद इस मामले में कई और बड़े खुलासे होने की पूरी उम्मीद है।
जानिए क्या था पूरा मामला और कैसे बिछाया गया जाल
गौरतलब है कि बीते सोमवार को कैथल में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक करते हुए एसीबी की टीम ने ₹20 हजार की घूस लेते हुए संचालक को दबोचा था।
परेशान था पीड़ित: गांव मानस के रहने वाले प्रदीप कुमार ने एसीबी को दी अपनी लिखित शिकायत में बताया था कि वह पिछले करीब 25 दिनों से अपने विवाह पंजीकरण (मैरिज सर्टिफिकेट) के लिए हिंद मार्केट स्थित अटल सेवा केंद्र के चक्कर काट रहा था। उसने सभी जरूरी कागजात संचालक विकास को दे दिए थे, लेकिन आरोपी जानबूझकर काम को लटका रहा था और हर बार नया बहाना बनाकर उसे टाल देता था।
₹20 हजार में तय हुआ सौदा: काम करने के बदले में आरोपी संचालक ने पहले पीड़ित प्रदीप से ₹22,000 की रिश्वत मांगी। काफी मिन्नतें करने के बाद दोनों के बीच सौदा ₹20,000 में तय हुआ।
केमिकल लगे नोटों से हुआ भंडाफोड़: रिश्वतखोर की मांग से तंग आकर प्रदीप ने एंटी करप्शन ब्यूरो की शरण ली। एसीबी की टीम ने रणनीति के तहत शिकायतकर्ता प्रदीप को पाउडर (केमिकल) लगे हुए ₹20 हजार रुपए देकर आरोपी के पास भेजा। जैसे ही हिंद मार्केट में आरोपी विकास ने रिश्वत की वह रकम पकड़ी, वहां सादे कपड़ों में पहले से जाल बिछाकर मौजूद एसीबी की टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया और उसके हाथ धुलवाते ही वे गुलाबी हो गए।
#KaithalNews #ACBRaid #BriberyCase #AtalSevaKendra #MarriageCertificateScam #CorruptionFreeHaryana #InspectorSubeSingh #AntiCorruptionBureau #BreakingNews #DanikKhabar
Previous
उन्नाव में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर भीषण सड़क हादसा: हरियाणा से बिहार जा रही तेज रफ्तार स्लीपर बस ने अर्टिगा कार को पीछे से मारी टक्कर
Next