सुप्रीम कोर्ट के 52वें चीफ जस्टिस के रूप में जस्टिस बीआर गवई ने शपथ ली
आरएस अनेजा, 14 मई नई दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट के 52वें चीफ जस्टिस के रूप में जस्टिस बीआर गवई ने शपथ ले ली है और राष्ट्रपति भवन में आयोजिक समारोह में राष्ट्रपति ने उन्हें शपथ दिलाई है। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस के रूप में उनका कार्यकाल छह महीने का होगा।
देश के नए सीजेआई बीआर गवई का जन्म अमरावती में हुआ था। उसके बाद उन्होंने वहीं से अपनी पढ़ाई पूरी की और नागपुर विश्वविद्यालय से बीए एलएलबी की डिग्री हासिल की। सीजेआई बीआर गवई ने 1985 में अपने वकालत के करियर की शुरुआत की और 1987 से 1990 तक बॉम्बे हाईकोर्ट में स्वतंत्र तौर पर काम किया। उसके बाद 1992-93 तक वो बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ में सहायक सरकारी वकील के तौर पर काम किया। यहां वो जगह है जहां से उनके जस्टिस बनने की शुरूआत हुई। बीआर गवई उसके बाद 14 नवंबर 2003 को बॉम्बे हाईकोर्ट का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया।12 नवंबर, 2005 को वे स्थायी न्यायाधीश बने।
साल 2005 में जस्टिस भूषण रामकृष्ण गवई बॉम्बे हाईकोर्ट में पहली बार स्थाई जज बने थे। उसके बाद साल 2019 में उनकी नियुक्ति सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस के तौर पर हुई। यहां पर उन्होंने करीब 300 फैसले सुनाए जिसके बाद अब बीआर गवई को भारत का नया चीफ जस्टिस नियुक्त किया गया है। जस्टिस भूषण रामकृष्ण गवई इलेक्टोरल बॉन्ड स्कीम को खारिज करने वाली बेंच का हिस्सा थे। इसके साथ ही वो नोटबंदी के खिलाफ दायर अर्जियों पर सुनवाई करने वाले बेंच में भी शामिल थे।
अगर सैलरी की बात करें तो भारत के मुख्य न्यायाधीश की सैलरी 2 लाख 80 हजार रुपये प्रतिमाह होती है।