20/07/25

बांधों के निर्माण के लिए राज्य की हिस्सेदारी से 95 करोड़ रुपये किए स्वीकृत

एन.एस. बाछल, 20 जुलाई, जयपुर।

राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र को पेयजल और सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के दृढ़ नेतृत्व में यमुना जल समझौते के अंतर्गत प्रतिबद्धता से मिशन मोड पर कार्य किए जा रहे हैं। भजनलाल शर्मा के इस ऐतिहासिक निर्णय से शेखावाटी अंचल में जल संकट का स्थायी समाधान संभव हो सकेगा।  

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने यमुना बेसिन के ऊपरी भाग में स्थित रेणुकाजी (हिमाचल प्रदेश) एवं लखवार बांध (उत्तराखण्ड) के निर्माण कार्यों के लिए राज्य की हिस्सा राशि में से 95 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। इससे निर्माण कार्यों को गति मिलेगी और तय समय सीमा में प्रदेश में जलापूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। बांधों के निर्माण से राज्य के हिस्से का जल वर्ष पर्यन्त उपलब्ध हो सकेगा।   

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि जल संसाधनों की महत्ता को ध्यान में रखते हुए दृढ़ संकल्प और दूरदर्शिता से राज्य में जल परियोजनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। यमुना जल परियोजना चूरू, सीकर, झुंझुनूं सहित अन्य क्षेत्रों के लिए वरदान साबित होगी। इससे पेयजल और सिंचाई की स्थायी सुविधा सुनिश्चित होगी। 

राज्य की हिस्सेदारी 215 करोड़ रुपये

उल्लेखनीय है कि यमुना नदी के जलग्रहण क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में तीन प्रमुख बांधों का निर्माण कराया जा रहा है। इनमें से वर्तमान में लखवार और रेणुकाजी बांधों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। यमुना रिवर बोर्ड द्वारा इन परियोजनाओं की कुल लागत 11,320.46 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है, जिसमें राजस्थान की हिस्सेदारी 215.66 करोड़ रुपये है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बोर्ड की मांग को ध्यान में रखते हुए 95 करोड़ रुपये राशि की स्वीकृति प्रदान कर राज्य की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की है। 

जून में हुई टास्क फोर्स की बैठक

हथिनीकुंड बैराज से राज्य में जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए गठित टास्क फोर्स की तीसरी बैठक 30 जून 2025 को पंचकूला में हुई थी। इसमें राजस्थान और हरियाणा के अधिकारियों के बीच विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार राज्य सरकार द्वारा इस परियोजना के कार्यों की सतत् निगरानी की जा रही है।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में यह निर्णय प्रदेश में जल सुरक्षा सुनिश्चित करने में मील का पत्थर साबित होगा। उल्लेखनीय है कि वर्तमान सरकार के गठन के तुरंत बाद प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शेखावाटी क्षेत्र में यमुना जल को लाने के लिए हरियाणा सरकार से एमओयू किया था।

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