14/07/26

यमुनानगर में भ्रष्टाचार पर विजिलेंस का बड़ा एक्शन; सिंचाई विभाग का JE और बेलदार 45 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

अभिकान्त, 14 जुलाई, यमुनानगर : हरियाणा सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति के तहत राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (SV&ACB) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। ब्यूरो की टीम ने यमुनानगर में तैनात सिंचाई विभाग के जूनियर इंजीनियर (JE) सौरभ कुमार और विभाग के ही एक बेलदार करमजीत को 45 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। इस बड़ी कार्रवाई के बाद विभाग के अन्य कर्मचारियों और अधिकारियों में हड़कंप मच गया है।

स्टेट विजिलेंस ब्यूरो (ACB) से मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों के खिलाफ SV&ACB थाना पंचकूला में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) की धारा-7 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। ब्यूरो ने इस पूरी कार्रवाई को एक सुनियोजित ट्रैप के जरिए अंजाम दिया, जिसमें दोनों आरोपी कानून के शिकंजे में फंस गए।

मामले का खुलासा तब हुआ जब एक पीड़ित ठेकेदार ने विजिलेंस ब्यूरो से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता ने ACB को बताया कि वह सिंचाई विभाग में बतौर ठेकेदार काम करता है। उसके काम से जुड़े सभी आवश्यक दस्तावेज और औपचारिकताएं पूरी थीं, इसके बावजूद विभाग में उसके लंबित बिलों का भुगतान नहीं किया जा रहा था। आरोप है कि JE सौरभ कुमार ने जानबूझकर बिलों की फाइल को रोक रखा था और भुगतान की राशि जारी करने के एवज में मोटे कमीशन यानी रिश्वत की मांग की थी।

शुरुआती जांच और शिकायत के अनुसार, आरोपी JE सौरभ कुमार ने शिकायतकर्ता से फोन पर संपर्क किया था। उसने न केवल अपने लिए, बल्कि विभाग के कुछ अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के नाम पर भी रिश्वत की रकम मांगी थी। डील तय होने के बाद रिश्वत की राशि वसूलने के लिए उसने विभाग के बेलदार करमजीत को माध्यम बनाया और उसे पैसे लेने के लिए भेजा।

विजिलेंस ब्यूरो ने शिकायत मिलते ही फौरन एक स्पेशल ट्रैप टीम का गठन किया। तय योजना के मुताबिक, शिकायतकर्ता ने जैसे ही 45 हजार रुपये की केमिकल लगी हुई रिश्वत की राशि बेलदार करमजीत को सौंपी, करमजीत ने वह रकम लेकर JE सौरभ कुमार को आगे बढ़ा दी। इसी दौरान पहले से घात लगाकर बैठी विजिलेंस (ACB) की टीम ने छापा मार दिया और दोनों को मौके पर ही रंगे हाथ दबोच लिया। आरोपियों के हाथ धुलवाने पर उनका रंग बदल गया, जिससे रिश्वत लेने की पुष्टि हो गई। फिलहाल विजिलेंस ब्यूरो दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी कर रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस खेल में विभाग के कौन-से वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल थे।

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