05/03/25

2050 तक भारत की अर्थव्यवस्था 2 ट्रिलियन डॉलर से अधिक का बाजार और 10 मिलियन नौकरियां पैदा कर सकती है - केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव

आरएस अनेजा, 05 मार्च नई दिल्ली

केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने कहा की वर्ष 2050 तक भारत की सर्कुलर अर्थव्यवस्था 2 ट्रिलियन डॉलर से अधिक का बाजार और लगभग 10 मिलियन नौकरियां पैदा कर सकती है। वहीं वैश्विक स्तर की बात करें तो यह सर्कुलर अर्थव्यवस्था वर्ष 2030 तक 4.5 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर का अतिरिक्त आर्थिक उत्पादन कर सकती है।

केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव जयपुर में चल रहे भारत और प्रशांत क्षेत्र के 12वें क्षेत्रीय 3आर और सर्कुलर इकोनॉमी फोरम को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि सर्कुलर अर्थव्यवस्था' 250 साल पहले हुई औ‌द्योगिक क्रांति के बाद व्यापार में सबसे बड़े परिवर्तनों को सामने लाएगी और उत्पादन तथा उपभोग के अब तक चले आ रहे पारंपरिक मॉडल 'टेक, मेक, वेस्ट' में क्रांतिकारी परिवर्तन करेगी।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भारत वर्ष 2026 में विश्व सर्कुलर इकोनॉमी फोरम के आयोजन के लिए उम्मीदवार है। उन्होंने कहा कि हर साल, विश्व सर्कुलर इकोनॉमी फोरम का आयोजन किया जाता है और इस वर्ष, 2025 में इसका आयोजन ब्राजील के साओ पाउलो में किया जा रहा है। भारत ने विश्व सर्कुलर इकोनॉमी फोरम 2026 की मेजबानी करने की इच्छा व्यक्त की है। 2030 और उससे आगे की ओर देखते हुए, इस फोरम को वास्तविक परिवर्तन लाना चाहिए।

यादव ने कहा कि भारत प्लास्टिक अपशिष्ट चुनौतियों और उनके संबंधित पारिस्थितिक प्रभावों को कम करने के लिए प्रतिबद्ध है। प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियम (2016) के जरिए नगरपालिका, औ‌द्योगिक, आवासीय और वाणिज्यिक क्षेत्रों को लक्षित करते हुए महत्वपूर्ण उपाय किए गए हैं। भारत ने 2022 में अधिसूचना के माध्यम से एकल-उपयोग वाले प्लास्टिक की कुछ श्रेणियों पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसके साथ ही मिशन 'लाइफ' पहल के साथ जुड़ते हुए MoEFCC ने ऊर्जा दक्षता और सर्कुलर अर्थव्यवस्था के सिद्धांतों को बढ़ावा देते हुए पर्यावरण के अनुकूल उत्पादों की मांग बढ़ाने के लिए इको-मार्क नियम लागू किए है।

केंद्रीय मंत्री यादव ने बताया कि 10 अपशिष्ट श्रेणियों के लिए सर्कुलर इकोनॉमी एक्शन प्लान को अंतिम रूप दिया गया है, जिसके लिए विनियामक और कार्यान्वयन रूपरेखा पर काम चल रहा है। श्री यादव ने कहा कि देश में एक मजबूत रीसाइक्लिंग उ‌द्योग तेजी से विकसित हो रहा है जो अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण योगदान देगा। उन्होंने कहा कि पर्यावरण, सामाजिक और आर्थिक आयामों में सतत विकास के लिए, हमें राष्ट्रीय आवश्यकताओं, प्राथमिकताओं और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सभी क्षेत्रों में 3R और सर्कुलर अर्थव्यवस्था सिद्धांतों को एकीकृत करना चाहिए सर्कुलर अर्थव्यवस्था के सि‌द्धांत भारत की सांस्कृतिक विरासत के साथ गहराई से जुड़े हुए हैं। यह 'वसुधैव कुटुम्बकम' के प्राचीन ज्ञान में परिलक्षित भी होता है।

सत्र का एक प्रमुख आकर्षण एसबीएम वेस्ट टू वेल्थ पीएमएस पोर्टल का शुभारंभ था, जो स्वच्छ भारत मिशन (एसबीएम) के तहत विकसित एक अभिनव ऑनलाइन प्लेटफॉर्म है। पोर्टल को परियोजना निगरानी को बढ़ाने, डेटा प्रबंधन को सुव्यवस्थित करने और संसाधन साझा करने की सुविधा प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिससे वेस्ट टू वेल्थ के मिशन के व्यापक उद्देश्य का समर्थन किया जा सके। यह पहल सतत शहरी विकास और प्रभावी ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप है।

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