भारतीय नौसेना की ताकत में इजाफा: अगली पीढ़ी के अपतटीय गश्ती पोत 'श्रुति' का जलावतरण
आरएस अनेजा, 12 जुलाई नई दिल्ली - अगली पीढ़ी के अपतटीय गश्ती पोत (एनजीओपीवी) यार्ड 3037 (श्रुति) को कोलकाता स्थित मेसर्स जीआरएसई, कोलकाता में जलावतरित किया गया।
इस अवसर पर युद्धपोत उत्पादन एवं अधिग्रहण नियंत्रक वाइस एडमिरल संजय साधु भी मौजूद थे और जलावतरण श्रीमती मनिका साधु ने किया। यह कार्यक्रम भारतीय नौसेना की समृद्ध परंपराओं और मूल्यों को प्रदर्शित करता है। इस महत्वपूर्ण आयोजन में भारतीय नौसेना, रक्षा मंत्रालय और जीआरएसई के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।
एनजीओपीवी का निर्माण एक साथ दो शिपयार्ड, गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (जीएसएल), गोवा और गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई), कोलकाता में किया जा रहा है। देश में ही परिकल्पित और निर्मित किए जा रहे ये जहाज समुद्री निगरानी, खोज व बचाव, अपतटीय परिसंपत्तियों की सुरक्षा, मानवीय सहायता एवं आपदा राहत तथा समुद्री डकैती रोधी अभियानों जैसे विभिन्न कार्यों में मौजूदा अपतटीय गश्ती पोतों व नए अपतटीय गश्ती पोतों की क्षमताओं को बढ़ाएंगे।
इन जहाजों के नाम भारत की समृद्ध विरासत से प्रेरित हैं। इस जहाज का नाम ‘श्रुति’ रखा गया है, जो चारों वेदों का प्रतीक है। जहाज के प्रतीक चिह्न में सप्तऋषि तारामंडल और लाल-सफेद रंग का प्रकाश स्तंभ दर्शाया गया है।
इस जहाज का जलावतरण भारतीय नौसेना के स्वदेशी पोत निर्माण की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह सफलता भारत सरकार के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ की परिकल्पना के अनुरूप है।
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