31/08/26

वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने भारत-ब्राजील व्यापार निगरानी तंत्र बैठक की सह-अध्यक्षता की

आरएस अनेजा, 31 अगस्त नई दिल्ली - भारत-ब्राजील व्यापार निगरानी तंत्र (टीएमएम) की 8वीं बैठक ब्राजील के ब्रासीलिया में संपन्न हुई। इस बैठक की सह-अध्यक्षता वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल और ब्राजील की विदेश व्यापार सचिव सुश्री तातियाना लैसर्दा प्राजेरेस ने की।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डी सिल्वा के नेतृत्व में द्विपक्षीय संबंधों को मिली मजबूत राजनीतिक गति को आगे बढ़ाते हुए, बैठक में भारत-ब्राजील रणनीतिक साझेदारी को रेखांकित करने वाले मजबूत संस्थागत ढांचे और रणनीतिक एवं आर्थिक संबंधों को सुदृढ़ करने के लिए दोनों पक्षों की साझा प्रतिबद्धता पर विचार-विमर्श किया गया।

वाणिज्य सचिव ने ब्राजील सरकार के विकास, उद्योग, वाणिज्य और सेवा मंत्री श्री मार्सियो एलियास रोजा से भी मुलाकात की तथा द्विपक्षीय व्यापार और निवेश संबंधों को और सुदृढ़ करने तथा प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में आर्थिक सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। भारत और ब्राजील के बीच द्विपक्षीय व्यापार में लगातार वृद्धि देखी गई है और 2025-26 में यह 15.07 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है। दोनों पक्षों ने और अधिक विविध, संतुलित और निरंतर साझेदारी के माध्यम से, विशेष रूप से फार्मास्यूटिकल्स, रसायन, इंजीनियरिंग सामान और मशीनरी के क्षेत्र में, 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 30 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता जताई।

चर्चा के दौरान, दोनों पक्षों ने भारत-मर्कोसुर संदर्भ शर्तों पर हुई प्रगति की समीक्षा की। भारत-मर्कोसुर तरजीही व्यापार समझौते में विस्तार और आधुनिकीकरण की अपार संभावनाएं हैं। 2025 में भारत-मर्कोसुर द्विपक्षीय व्यापार 20.84 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने के साथ, दोनों पक्षों ने संदर्भ शर्तों को जल्द से जल्द अंतिम रूप देने की प्रतिबद्धता जताई।

भारतीय दवा उत्पादों के लिए बाजार पहुंच को सुगम बनाने में भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। फरवरी 2026 में हस्ताक्षरित सीडीएससीओ-एएनवीआईएसए समझौता ज्ञापन स्वास्थ्य और दवा क्षेत्र में गहन सहयोग के लिए एक महत्वपूर्ण संस्थागत आधार प्रदान करता है। भारत ने अधिक पूर्वानुमानित नियामक प्रक्रियाओं का समर्थन करने और बाजार तक व्यापक पहुंच को सुगम बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। भारत सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाओं की उपलब्धता में योगदान दे सकता है और अधिक सुलभ स्वास्थ्य सेवा की दिशा में प्रयासों को मजबूत कर सकता है।

कृषि क्षेत्र में, प्रमुख उत्पादों से संबंधित प्राथमिकता के आधार पर पौध स्वच्छता संबंधी अनुरोधों पर चर्चा को आगे बढ़ाया गया, साथ ही पारस्परिक बाजार पहुंच रियायतों की दिशा में तकनीकी प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने के लिए एक स्पष्ट एजेंडा तैयार किया गया। चर्चा के दौरान इलेक्ट्रॉनिक मूल प्रमाण पत्रों की पारस्परिक मान्यता तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों, उद्यमिता और शिल्पकला के क्षेत्र में सहयोग को लेकर हुई उत्साहजनक प्रगति की भी समीक्षा की गई और इन्हें व्यापार को सुगम बनाने और व्यापार संबंधी गतिविधियों में आने वाली बाधाओं को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया।

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