जलभराव के दृष्टिगत से अम्बाला शहर व छावनी के कई क्षेत्रों का डीसी ने आला अधिकारियों से साथ किया दौरा, दिए दिशा-निर्देश
जे कुमार, अम्बाला 4 सितम्बर - डीसी अजय सिंह तोमर ने जलभराव के दृष्टिगत अम्बाला शहर व अम्बाला छावनी के कई क्षेत्रों का दौरान करते हुए जायजा लिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस मौके पर उनके साथ नगर निगम कमिश्रर विरेन्द्र लाठर, एडीसी महिन्द्र पाल, एसडीएम अम्बला शहर दर्शन कुमार, एसडीएम अम्बाला छावनी विनेश कुमार, डीआरओ राजेश खियालिया, एएमसी दीपक सूरा व अन्य सम्बधिंत विभागों के प्रशासनिक अधिकारीगण मौजूद रहें।
डीसी अजय सिंह तोमर ने इस मौके पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि दो दिनों से वर्षा के चलते व पहाड़ी क्षेत्रों से पानी आने के कारण टांगरी नदी, घग्गर नदी व मारंकण्डा नदी का जल स्तर बढ गया था। रात को 10 बजे के करीब टांगरी नदी का जल स्तर 43 हजार क्यूसिक हो गया था जो कि काफी ज्यादा था।
इसके चलते टांगरी नदी का पानी ओवर-फलो होकर निचले क्षेत्रों व इन्डस्ट्रीयल एरिया में आ गया हैं। इन्डस्ट्रीयल एरिया की बात करें तो यहां पर अभी भी 6 से 8 फुट पानी खड़ा हैं। रैजिडेशियल एरिया में भी पानी है। पंचकूला व मोरनी में बारिश न होने के कारण टांगरी नदी का जल स्तर कम हुआ है। शाम तक जल स्तर और कम होने की सम्भावना हैं।
उन्होनें यह भी बताया कि इन्डस्ट्रीय एरिया में जो लोग रहते है और वहां पर जो लेबर है उसे रैस्कयू करने काम भी किया गया हैं। एचएसआईडीसी के एक्सईएन को यहां पर लगाया गया हैं। इन्डस्ट्रीयल एरिया के प्रधान से भी आग्रह किया गया है कि जो भी उनकी लेबर है उन्हें रैस्क्यू करने के लिए जो भी सहायता है वह उपलब्ध करवाई जाएगी।
इसके साथ-साथ इन्डस्ट्रीयल एरिया में पम्प लगाकर भी पानी निकालने का काम किया जा रहा हैं। जिस प्रकार से बारिश रूकी हुई है और पहाड़ी क्षेत्रों से भी पानी नहीं आ रहा है तो शाम तक नदियों का जल स्तर भी कम हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि एतिहात के तौर पर सभी प्रबधं किए हुए हैं।
डीसी ने यह भी बताया कि घग्गर नदी का जलस्तर भी रात को बढ गया था, जिसके चलते कुछ निचले क्षेत्रों मे पानी आ गया था और इसके अलावा नेशनल हाइवे 152 डी पर भी थोड़ा पानी आया था। उन्होनें आज प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मुआयना भी किया है। घग्गर का जलस्तर खतरनाक स्तर से एक फुट कम हो गया है और उम्मीद है कि यह जल स्तर और नीचे आएगा।
उन्होनें कहा कि जैसे जैसे जल स्तर कम हो रहा है और जहां पर जल भराव हुआ था, वह पानी वापिस घग्गर नदी में चला जाएगा। उन्होनें यह भी बताया कि भारी वर्षा के चलते लोगों के घरों में भी घुसा है, घरों का नुकसान भी हुआ है लेकिन अभी तक किसी भी जानमाल का नुकसान नहीं हुआ हैं। प्रशासन के अधिकारी व अन्य सम्बध्ंिात विभाग के अधिकारी फील्ड में रहकर जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए कार्य कर रहे हैं। जन प्रतिनिधियों का भी इस कार्य में बेहतर सहयोग मिल रहा हैं।
बॉक्स:- डीसी ने जलभराव के दृष्टिगत आज घग्गर नदी, टांगरी नदी व शम्भू बॉर्डर के पास बरसाती पानी की निकासी के दृष्टिगत लगे गेट, लोहगढ़ मानकपुर रोड के नजदीक जलभराव का, अम्बाला-हिसार नेशनल हाईवे 152डी पर डडियाना के पास, अम्बाला चण्डीगढ़ नेशनल हाईवे पर धूलकोट पॉवर हाउस, शाहपुर-कोटकच्छवा के पास, इन्डस्ट्रीयल एरिया व अन्य स्थानों का जायजा लिया। उपायुक्त ने यह भी बताया कि जिला प्रशासन के साथ-साथ एसडीआरएफ व जन प्रतिनिधियों के सहयोग से जो लोग जलभराव के चलते फसे हुए है उन्हें रैसक्यू करने का काम किया जा रहा हैं। राजस्व विभाग व निजी बोट के माध्यम से रेसक्यू किया जा रहा हैं।
इस मौके पर डीआरओ राजेश खियालिया, कार्यकारी अभियन्ता हरबंस सिंह, कार्यकारी अभियन्ता रितेश अग्रवाल के साथ-साथ अन्य सम्बध्ंिात विभाग के अधिकारीगण मौजूद रहें।
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