गृह मंत्री अमित शाह ने आज असम के डेरगाँव में लचित बोरफुकन पुलिस अकादमी का लोकार्पण किया
आरएस अनेजा, 15 मार्च नई दिल्ली
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज असम के डेरगाँव में लचित बोरफुकन पुलिस अकादमी का लोकार्पण किया। इस अवसर पर असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंता बिस्वा सरमा और केन्द्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि अगले 5 वर्षों में देशभर की पुलिस अकादमियों में लचित बोरफुकन पुलिस अकादमी प्रथम स्थान पर होगी। उन्होंने कहा कि असम के वीर सेनानी और सपूत लचित बोरफुकन जी ने असम को मुगलों के खिलाफ विजय दिलाई थी। उन्होंने कहा कि महान योद्धा लचित बोरफुकन को सिर्फ असम तक सीमित रखा गया था लेकिन आज उनकी जीवनी 23 भाषाओं में देशभर के पुस्तकालयों में बच्चों के लिए उपलब्ध है।श्री शाह ने कहा कि असम के इस वीर सपूत के बारे में पूरे देश की जनता जाने और उनसे प्रेरणा प्राप्त करे, ऐसा काम असम सरकार ने किया है।उन्होंने कहा कि लचित बोरफुकन पुलिस एकेडमी के रूप में आज जो बीज बोया गया है एक दिन वह बहुत बड़ा वटवृक्ष बन पूरे देश की पुलिसिंग को छाया देगा। गृह मंत्री ने कहा कि यह एकेडमी न केवल असम बल्कि पूरे पूर्वोत्तर की पुलिसिंग के लिए काशी के समान एक तीर्थ बनेगी और यहीं से शांति की एक नई शुरुआत होगी।
अमित शाह ने कहा कि लचित बोरफुकन अकादमी का पहला चरण 167 करोड़ खर्च की लागत से पूरा किया गया है और तीनों चरणों पर कुल 1050 करोड़ रूपए खर्च होंगे। उन्होंने कहा कि इस अकादमी में कई प्रकार की अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं और यह अकादमी पूरे भारत की सबसे अच्छी पुलिस अकादमी बनेगी। उन्होंने कहा कि पहले असम की पुलिस अन्य राज्यों में ट्रेनिंग के लिए जाती थी, लेकिन पिछले 8 साल में राज्य के शासन में ऐसा परिवर्तन हुआ कि अब इस पुलिस अकादमी में गोवा और मणिपुर के 2 हज़ार पुलिसकर्मियों ने ट्रेनिंग ली है।