STF हरियाणा की ऐतिहासिक कामयाबी: जॉर्जिया से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया 34 मामलों का वांटेड गैंगस्टर वैनकेट गर्ग

अम्बाला, 12 जून (अन्‍नू): गंभीर और संगठित अपराधों में संलिप्त भगोड़े अपराधियों को सात समंदर पार से भी घसीट कर कानून के कटघरे में खड़ा करने के अपने अभियान में स्पेशल टास्क फोर्स (STF) हरियाणा ने एक और बड़ी ऐतिहासिक अंतरराष्ट्रीय कामयाबी हासिल की है। एसटीएफ हरियाणा ने 11 जून 2026 को जॉर्जिया सरकार के सहयोग से कुख्यात गैंगस्टर और मोस्ट वांटेड उद्घोषित अपराधी (PO) वैनकेट गर्ग का सफलतापूर्वक प्रत्यर्पण (Extradition) सुनिश्चित कर उसे भारत की धरती पर लाने में सफलता पाई है।

यह अंतरराष्ट्रीय स्तर की उपलब्धि इसलिए भी बेहद खास है क्योंकि जॉर्जिया देश से भारत को किया गया यह अब तक का पहला प्रत्यर्पण है। इसके साथ ही, वर्ष 2026 के दौरान एसटीएफ हरियाणा द्वारा विदेशों से सुनिश्चित किया गया यह 10वाँ सफल निर्वासन/प्रत्यर्पण भी है।

आरोपी और उसके 53 सदस्यों वाले विशाल गैंग का प्रोफाइल

  • नाम व पता: प्रत्यर्पित किए गए आरोपी की पहचान 29 वर्षीय वैनकेट गर्ग (पुत्र अविनाश गर्ग) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से मकान नं. B-20, वार्ड नं. 4, चंदना कॉलोनी, नारायणगढ़, जिला अंबाला (हरियाणा) का रहने वाला है।

  • गैंग का सरगना: वैनकेट गर्ग उत्तर भारत में आतंक का पर्याय बने 53 सदस्यों वाले 'वैनकेट गर्ग गैंग' का मुख्य सरगना और मास्टरमाइंड है।

  • आपराधिक क्षेत्र: यह संगठित गैंग अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, पंचकूला और चंडीगढ़ (ट्राईसिटी) के इलाकों में सक्रिय रूप से रंगदारी, हत्या और कांट्रैक्ट किलिंग (लक्षित हत्याएं) जैसी वारदातों को अंजाम देता आ रहा है।

अपराध का लंबा ट्रैक रिकॉर्ड: कुल 34 संगीन मामले दर्ज

वैनकेट गर्ग एक बेहद शातिर और नामी क्रिमिनल है, जिसके विरुद्ध हरियाणा और चंडीगढ़ में कुल 34 आपराधिक मामले दर्ज हैं।

  • विदेश भागने से पहले: भारत से फरार होने से पूर्व ही उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत 23 गंभीर मामले दर्ज हो चुके थे।

  • विदेश से चला रहा था नेटवर्क: भारत से भागने के बाद भी उसने विदेशों में बैठकर इंटरनेट और वाट्सएप कॉलिंग के जरिए अपने गैंग के सहयोगियों को निर्देश देना जारी रखा। विदेश में रहने के दौरान ही उसके नेटवर्क ने रंगदारी और फायरिंग की वारदातों को अंजाम दिया, जिससे उसके खिलाफ 11 अतिरिक्त मामले और दर्ज हो गए।

  • प्रमुख वारदातें: इस गैंग द्वारा किए गए जघन्य अपराधों में जिला अंबाला के नारायणगढ़ में बीएसपी (BSP) नेता हरबिलास की सरेआम हत्या और अंबाला व यमुनानगर जिलों में व्यापारियों पर रंगदारी के लिए की गई अंधाधुंध फायरिंग की कई वारदातें शामिल हैं।

गुरुग्राम के फर्जी पते पर बनवाया था पासपोर्ट, ऐसे भागा था विदेश

एसटीएफ हरियाणा की गहन जांच में सामने आया कि कानून के शिकंजे से बचने के लिए आरोपी ने एक बड़ा फर्जीवाड़ा किया था। उसने गुरुग्राम के एक फर्जी रिहायशी पते (अपार्टमेंट नं. 1502, टॉवर नं. 5, पिरामिड अर्बन होम्स-67, सेक्टर-67, गुरुग्राम) का उपयोग करके धोखाधड़ी से पासपोर्ट नंबर C5605892 हासिल किया था।

इस फर्जीवाड़े को लेकर थाना नारायणगढ़ (अंबाला) में एक अलग से आपराधिक मुकदमा दर्ज किया गया था। बाद में एसटीएफ की मजबूत सिफारिश पर 4 फरवरी 2025 को विदेश मंत्रालय द्वारा उक्त पासपोर्ट को आधिकारिक रूप से निरस्त (Cancel) कर दिया गया था। रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी वैनकेट गर्ग 10 दिसंबर 2024 को नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से चकमा देकर पहले संयुक्त अरब अमीरात (UAE) भागा था और बाद में 26 जनवरी 2025 को वहां से जॉर्जिया पहुंच गया था।

इंटरपोल और 'ओपन-डेटेड' वारंट की मदद से कसा शिकंजा

भगोड़े को दबोचने और वापस भारत लाने के लिए एसटीएफ हरियाणा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कानूनी चक्रव्यूह तैयार किया, जिसके तहत निम्नलिखित कदम उठाए गए:

  1. आरोपी के खिलाफ दो अलग-अलग लुक आउट सर्कुलर (LOC) जारी करवाए गए।

  2. केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई (CBI) के माध्यम से इंटरपोल का रेड कॉर्नर नोटिस (कंट्रोल संख्या: A-4045/3-2025) जारी कराया गया।

  3. सक्षम अदालतों से वैनकेट के खिलाफ छह 'ओपन-डेटेड' (खुली तिथि वाले) गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट हासिल किए गए।

इन कानूनी दस्तावेजों के आधार पर जब अंतरराष्ट्रीय पुलिसिंग चैनलों को जॉर्जिया में उसकी उपस्थिति के पुख्ता सुराग मिले, तो तुरंत गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के माध्यम से प्रत्यर्पण की कागजी प्रक्रिया शुरू की गई।

इन अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय एजेंसियों का रहा विशेष सहयोग

इस बेहद जटिल और संवेदनशील ऑपरेशन को अमलीजामा पहनाने में भारत सरकार के विदेश मंत्रालय, राष्ट्रीय केंद्रीय ब्यूरो (NCB)-नई दिल्ली, जॉर्जिया स्थित भारतीय दूतावास और कजाखस्तान स्थित भारतीय दूतावास ने एक टीम की तरह मिलकर काम किया।

एसटीएफ हरियाणा ने पूरी प्रत्यर्पण प्रक्रिया के दौरान लगातार तकनीकी और कानूनी सहयोग प्रदान करने के लिए NCB-नई दिल्ली और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) का विशेष रूप से आभार जताया है। साथ ही, भगोड़े को सौंपने के लिए जॉर्जिया सरकार और आरोपी को अपने हवाई क्षेत्र से सुरक्षित पारगमन (Transit) की सुविधा देने के लिए कजाखस्तान सरकार के प्रति भी धन्यवाद ज्ञापित किया गया है। इसके अलावा, पुलिस अधीक्षक अंबाला और उनकी जिला पुलिस टीम द्वारा इस पूरे केस की कड़ियों को जोड़ने में किए गए समर्पित प्रयासों की विशेष प्रशंसा की गई है।

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