हिसार पुलिस की सख्त चेतावनी: सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने और झूठी व भ्रामक खबरें फैलाने वालों पर होगी कड़ी कानूनी कार्रवाई
हिसार, 21 जून (अन्नू): सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर बिना किसी पुख्ता सत्यापन के भ्रामक खबरें और अफवाहें फैलाने वाले शरारती तत्वों के खिलाफ हिसार पुलिस ने अब पूरी तरह से सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक (SP) हिसार के विशेष निर्देशानुसार जिला पुलिस ने आम जनता, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और तमाम मीडिया संस्थानों के लिए एक बेहद जरूरी और कड़क चेतावनी भरा वैधानिक परामर्श (एडवाइजरी) जारी किया है।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि डिजिटल या प्रिंट माध्यमों पर किसी भी ऐसी सामग्री का प्रकाशन या प्रसारण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, जिससे समाज की शांति भंग होने का खतरा हो।
तथ्यहीन और मनगढ़ंत जानकारियों पर पुलिस का कड़ा ऐतराज
हिसार पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, पिछले कुछ समय से यह देखा गया है कि कुछ लोग या असत्यापित डिजिटल हैंडल्स बिना किसी तथ्यात्मक पुष्टि के समाचार, भ्रामक पोस्ट या अन्य उकसाऊ सामग्री सोशल मीडिया पर धड़ल्ले से शेयर कर देते हैं।
आमजन को भ्रमित करने का प्रयास: इस प्रकार की झूठी और मनगढ़ंत पोस्टों के जरिए न केवल आम नागरिकों को गुमराह किया जाता है, बल्कि कानून एवं व्यवस्था (लॉ एंड ऑर्डर) की स्थिति को भी प्रभावित करने का जानबूझकर प्रयास किया जाता है।
भाईचारे को नुकसान: पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि बिना सोचे-समझे फैलाई जाने वाली ऐसी अफवाहें हमारे सामाजिक ताने-बाने, विभिन्न समुदायों के आपसी भाईचारे, धार्मिक सद्भाव और सार्वजनिक शांति के लिए बेहद हानिकारक और खतरनाक साबित होती हैं।
इन विषयों पर भ्रामक कंटेंट फैलाने वालों पर सीधे दर्ज होगी एफआईआर
हिसार पुलिस ने गाइडलाइंस जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि यदि कोई भी व्यक्ति, डिजिटल पोर्टल, प्रिंट मीडिया या सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म निम्नलिखित गतिविधियों में संलिप्त पाया गया, तो उसके खिलाफ प्रचलित विधिक प्रावधानों के अंतर्गत तत्काल और सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी:
धार्मिक या सामुदायिक सौहार्द: कोई भी ऐसा कंटेंट जिससे किसी धर्म, जाति, समाज या समुदाय की भावनाएं आहत होती हों।
त्योहारों पर अशांति: सामाजिक एवं धार्मिक त्योहारों या आयोजनों के दौरान शांति व्यवस्था को बाधित करने वाली भ्रामक सूचनाएं।
कर्मचारियों के विरुद्ध दुष्प्रचार: किसी भी सरकारी कर्मचारी, अधिकारी या विभाग के विरुद्ध बिना किसी पुख्ता तथ्य, प्रमाण और सत्यापन के मनगढ़ंत आरोप लगाना या अफवाह फैलाना।
प्रकाशन से पहले सत्यता की जांच करना अनिवार्य: हिसार पुलिस
हिसार पुलिस ने जिम्मेदार मीडिया और जागरूक नागरिकों की भूमिका पर जोर देते हुए सभी से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की सनसनीखेज सूचना, वीडियो या समाचार को आगे फॉरवर्ड, शेयर, प्रकाशित या प्रसारित करने से पहले उसकी सत्यता और तथ्यात्मकता की अच्छे से जांच (Fact-Check) जरूर कर लें। पुलिस ने कहा कि समाज में अमन-चैन, शांति, आपसी भाईचारा और मजबूत कानून व्यवस्था बनाए रखने में जिला प्रशासन व पुलिस का सहयोग करें, क्योंकि सोशल मीडिया पर आपका एक गलत क्लिक या शेयर आपको बड़ी कानूनी मुसीबत में डाल सकता है।
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